रामभक्तों का अपमान भारत की विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान था : योगी आदित्यनाथ
-संस्कार, शिक्षा और संस्कृति से ही बनेगा समृद्ध उत्तराखंड : योगी
हरिद्वार/यमकेश्वर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि एक समय रामभक्तों का अपमान किया जाता था, लेकिन यह केवल रामभक्तों का नहीं बल्कि भारत की विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों का अपमान था, जिसके कारण उत्तर प्रदेश अराजकता और दंगों का केंद्र बन गया।
हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में प्रदेश में गुंडागर्दी चरम पर थी, न बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी। उनकी सरकार में विरासत के सम्मान के साथ कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, जिसके परिणामस्वरूप आज दंगा और दंगाई दोनों गायब हो गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ और केदारनाथ अब केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बन चुके हैं। इसके बाद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित एक इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का समग्र विकास केवल भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि संस्कार, शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण से ही संभव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें संस्कार, कौशल विकास और जीवन निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा ढांचे का विकास है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि गुरुकुल परंपरा में शिक्षा जीवन के हर संघर्ष के लिए विद्यार्थी को तैयार करती थी और सकारात्मक सोच व परिश्रम ही प्रगति का मार्ग है। योगी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विद्यालयों को कौशल विकास और समग्र व्यक्तित्व निर्माण के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पलायन रोकने के लिए शिक्षा, नवाचार और रोजगार के अवसर स्थानीय स्तर पर विकसित करने होंगे।
उन्होंने विद्यालय भवन का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कौशल विकास गतिविधियों के लिए करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। दोनों कार्यक्रमों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संत समाज के प्रमुख उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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