उबर, ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों को टक्कर देने के लिए केंद्र आज लॉन्च करेगा 'भारत टैक्सी' ऐप
मुंबई। केंद्रीय गृह और सहकारी मंत्री अमित शाह गुरुवार को भारत टैक्स ऐप को लॉन्च करेंगे। यह भारत में पहला सहकारी राइड-हेलिंग सर्विस ऐप है। सरकार की कोशिश इस ऐप के जरिए यात्रियों को कैब सर्विस ऐप्स उबर, ओला और रैपिडो के मुकाबले एक सस्ता विकल्प उपलब्ध कराना है। सहकारिता मंत्रालय द्वारा समर्थित और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा संचालित, भारत टैक्सी को एक ड्राइवर-स्वामित्व वाली परिवहन सेवा के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है जो अपने शुरुआती चरण में जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करेगी, जिसमें सवारी भुगतान का 100 प्रतिशत हिस्सा सीधे ड्राइवरों को दिया जाएगा।
सहकारिता मंत्रालय ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म चालकों के लिए फ्री होगी और उन्हें सारथी कहा जाएगा। इसके जरिए केंद्र की कोशिश चालकों को राइड-हेलिंग सर्विस ऐप्स की शोषणकारी नीति से बचाना है। इस ऐप में चार किलोमीटर तक के लिए किराया 30 रुपए प्रति किलोमीटर होगा, 4-12 किलोमीटर तक के लिए किराया 23 रुपए प्रति किलोमीटर और 12 किलोमीटर से अधिक के लिए किराया 18 रुपए प्रति किलोमीटर होगा। अन्य ऐप्स की तरह इस भारत टैक्सी को भी पब्लिक ट्रांजिट सर्विसेज जैसे मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे यूजर्स को एक ही ऐप से अपनी यात्रा को पूरा करने में मदद मिलेगी।
शुरुआती चरण में इसमें 100 प्रतिशत भुगतान चालकों को मिलेगा। बाद के चरण में, सहकारी संस्था लगभग 20 प्रतिशत शुल्क अपने पास रखेगी, जिसे प्रोत्साहन के रूप में चालकों को पुनर्वितरित किया जाएगा। मौजूदा प्लेटफॉर्मों के विपरीत, भारत टैक्सी सर्ज प्राइसिंग से बचने की योजना बना रही है, हालांकि विशिष्ट परिस्थितियों में डायनामिक प्राइसिंग लागू की जा सकती है। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, अब तक 150 से अधिक महिला ड्राइवर भारत टैक्सी से जुड़ चुकी हैं। ऐप पर पंजीकरण में भारी वृद्धि देखी जा रही है, पिछले दो दिनों में प्रतिदिन लगभग 40,000 से 45,000 नए यूजर्स जुड़ रहे हैं। सहकारिता मंत्रालय द्वारा जनवरी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक लेख के अनुसार, भारत टैक्सी के पंजीकृत ग्राहकों की संख्या चार लाख से अधिक हो चुकी है। एंड्रॉइड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर नौवें और एप्पल के ऐप स्टोर पर 13वें स्थान पर है।
सुरक्षा सुविधाओं में आपातकालीन संपर्कों को सूचित करने, सुरक्षा टीम से संपर्क करने और ऐप के भीतर से सायरन सक्रिय करने के विकल्प भी शामिल हैं। साइन-अप प्रक्रिया के लिए केवल मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल जैसी बुनियादी जानकारी की आवश्यकता होती है। ओला और उबर की तरह, भारत टैक्सी की योजना हवाई अड्डों पर समर्पित पिकअप और ड्रॉप जोन बनाने की है, और भविष्य में अन्य परिवहन केंद्रों तक विस्तार करने की भी योजना है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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