आयुर्वेद की 'महा-औषधि' है सोंठ, सेवन से पहले जान लें इसके नुकसान भी
नई दिल्ली। हमारे लिए भोजन देने वाली घर की रसोई औषधीय गुणों से भरपूर होती है, और इस बारे में कम ही लोग जानते हैं कि रसोई में इस्तेमाल होने वाला हर मसाला एक दवा की तरह काम करता है। ऐसा ही एक मसाला है सोंठ, जिसे चाय से लेकर लड्डूओं तक में सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है। साधारण सी दिखने वाली सोंठ अपने आप में एक औषधि है। आयुर्वेद में सोंठ का इस्तेमाल कई तरह के रोगों से मुक्त होने में होता आया है। सोंठ अदरक का सूखा रूप है जिसे सुखाकर और फिर महीन पीस कर तैयार किया जाता है। 'चरक संहिता' में सोंठ के अनगिनत फायदे बताए गए हैं।
इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। यह शरीर पर किसी पेन किनर की तरह काम करता है। जाती हुई सर्दी में खासकर खांसी-जुकाम और सांस लेने की परेशानी ज्यादा देखी जाती है। ऐसे में सोंठ फेफड़ों में जमा कफ को ढीला करके श्वसन-मार्गों को खोलता है। अब सवाल है कि किन लोगों को सोंठ के सेवन से बचना चाहिए। सोंठ की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मी के मौसम में सोंठ का सेवन न करें, क्योंकि ये पेट में जलन पैदा कर सकती है। इसके अलावा, पाइल्स या हाई बीपी से पीड़ित लोगों को भी सोंठ नहीं खानी चाहिए। गर्भवती महिलाएं भी सोंठ का सेवन न करें। ये प्री-मिच्योर डिलीवरी के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
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लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
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