नींद में खलल है ब्लू लाइट, सोने से 1 घंटे पहले करें ये काम, आएगी चैन की नींद
नई दिल्ली। गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता, दिन भर मोबाइल चलाने की आदत या आज की भागदौड़ भरी अनियमित दिनचर्या में अनिद्रा एक आम समस्या बन गई है। दिनभर की मानसिक और शारीरिक थकान के बावजूद आंखों में नींद नहीं होती है।
लंबे समय तक यह आदत स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है, जैसे कमजोर इम्युनिटी, एकाग्रता की कमी, मोटापा और दिल की बीमारियों का खतरा। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना गहरी और आरामदायक नींद के लिए सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। शाम को शांत गतिविधियां अपनाएं, जैसे कोई अच्छी किताब पढ़ना, लाइट म्यूजिक सुनना, गहरी सांस या डीप ब्रीदिंग, परिवार में हल्की-फुल्की बातचीत करने के साथ ही हल्की स्ट्रेचिंग या ध्यान करना। ये गतिविधियां मन को शांत करती हैं, तनाव कम करती हैं और शरीर को नींद के लिए तैयार करती हैं। साथ ही सोने का समय रोज एक जैसा रखें, कमरे को अंधेरा और ठंडा बनाएं और कैफीन या भारी भोजन रात में न लें। विशेषज्ञों का कहना है कि 7-8 घंटे की अच्छी नींद हर उम्र के लिए जरूरी है। खासकर युवा और बच्चे ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से नींद की कमी झेल रहे हैं। अगर आप भी रात में देर तक फोन स्क्रॉल करते हैं और सुबह थकान महसूस करते हैं, तो आज से ही इस आदत को बदलने की कोशिश करें।
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लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

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