मुरादाबाद में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना, युवक का शव ठेले पर ले गई पुलिस, एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची, पुलिस ने दी सफाई
मुरादाबाद: जनपद के थाना मझोला क्षेत्र में एक युवक का शव ठेले पर रखकर ले जाने का मामला सोशल मीडिया पर छाने के बाद तूल पकड़ गया है। गुरुवार को इस घटना की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद जहां एक ओर प्रशासनिक व्यवस्था और इंसानियत पर सवाल खड़े किए गए, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपना आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ की है।
वीडियो वायरल होने पर उपजा आक्रोश
घटना की शुरुआत मझोला क्षेत्र में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से हुई। मौके पर पहुँची पुलिस को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजना था, लेकिन कुछ ही देर बाद एक वीडियो सामने आया जिसमें पुलिसकर्मी शव को एक हाथ-ठेले पर रखकर ले जाते दिखे। इस दृश्य ने देखने वालों को विचलित कर दिया और स्थानीय लोगों ने इसे स्वास्थ्य विभाग व एंबुलेंस सेवा की भारी लापरवाही करार देते हुए नाराजगी जाहिर की। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसे तंत्र की विफलता बताते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं।
पुलिस का स्पष्टीकरण: संकरा रास्ता बना बाधा
मामला बढ़ता देख मझोला पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, जिस स्थान पर युवक का शव बरामद हुआ था, वहां तक पहुँचने का रास्ता अत्यंत संकरा और तंग था। संकरी गलियों और भीड़भाड़ के कारण एंबुलेंस या कोई भी भारी वाहन सीधे मौके तक नहीं पहुँच सकता था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया:
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शव को मौके से मुख्य मार्ग तक लाने के लिए ही कुछ दूरी तक ठेले का सहारा लिया गया।
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जैसे ही शव मुख्य सड़क तक पहुँचा, वहां पहले से मौजूद एंबुलेंस में उसे शिफ्ट कर दिया गया।
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आगे की पूरी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम हाउस तक का सफर एंबुलेंस के जरिए ही तय किया गया।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी लापरवाही के चलते नहीं, बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मजबूरी में उठाया गया था। पुलिस ने जनता से अपील की है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश न किया जाए और वास्तविक स्थिति को समझा जाए। फिलहाल पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करा दी है और मामले की विधिक जांच जारी है। हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बाद भी शहर में यह घटना चर्चा का केंद्र बनी हुई है और लोग आपातकालीन सेवाओं के लिए 'मिनी एंबुलेंस' या स्ट्रेचर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाओं की मांग कर रहे हैं।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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