मुरादाबाद में AIMIM अध्यक्ष शौकत अली के 'हम दो, हमारे दो दर्जन' नारे से मचा सियासी घमासान, भड़की भाजपा, हिंदू संगठनों ने भी घेरा
जनसंख्या नियंत्रण कानून की उड़ाई धज्जियां; मुरादाबाद में ध्रुवीकरण की राजनीति तेज, पुलिस ने थानों को किया अलर्ट और नोटिस भेजने की तैयारी
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के एक बेहद विवादित बयान ने प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। एक सार्वजनिक जनसभा को संबोधित करते हुए शौकत अली ने परिवार नियोजन के नारों को दरकिनार कर 'हम दो, हमारे दो दर्जन' का नया नारा बुलंद कर दिया। इस बयान के वायरल होते ही न केवल मुरादाबाद बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हंगामा खड़ा हो गया है। भाजपा और हिंदू संगठनों ने इसे जनसंख्या असंतुलन पैदा करने वाली एक गहरी साजिश करार देते हुए शौकत अली की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है।
सभा के दौरान शौकत अली ने मुस्लिम समुदाय से अपनी संख्या बढ़ाने का आह्वान करते हुए कथित तौर पर परिवार नियोजन की नीतियों का उपहास उड़ाया। उन्होंने 'हम दो, हमारे दो' के सरकारी नारे के जवाब में 'दो दर्जन' बच्चों की बात कहकर सीधे तौर पर जनसंख्या नीति को चुनौती दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। स्थानीय भाजपा विधायक ने इसे समाज को बांटने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कृत्य बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हिंदू संगठनों ने इस बयान को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताते हुए जिले के आला अधिकारियों से शौकत अली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि इस तरह के उकसावे वाले बयान समाज में वैमनस्य पैदा करते हैं। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने भी इस बयान की निंदा की है, जबकि बसपा ने इस मामले पर चुप्पी साधे रखी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव और आगामी सियासी समीकरणों को देखते हुए इस तरह के बयान ध्रुवीकरण की कोशिश का हिस्सा हो सकते हैं।
मुरादाबाद की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एसएसपी ने सभी थानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। पुलिस प्रशासन अब विवादित वीडियो की जांच कर शौकत अली को नोटिस भेजने की तैयारी में है। जिले के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शांति की अपील की है, लेकिन सियासी पारा फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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