एआई समिट हंगामा: दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को किया कोर्ट में पेश, मांगी 5 दिन की कस्टडी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के 4 कार्यकर्ताओं को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अदालत से आरोपियों की 5 दिन की रिमांड मांगी। हालांकि, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से अदालत में जमानत याचिका भी दाखिल की गई है। दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान देशविरोधी नारे लगाए गए। नेपाल के 'जेन-जी' की तर्ज पर देश को बांटने वाले नारे लगाए।
ये भी पढ़ें "दुनिया किस दिशा में जाएगी, यह तय करेगा इंसान का फैसला" AI पर पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा बयानउन्होंने प्रदर्शन की ऐसी जगह चुनी, जहां दूसरे देशों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे। पुलिस ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने धक्कामुक्की की और इस दौरान कुछ पुलिसवालों को चोट लगी। इसके साथ ही, दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की 5 दिनों की कस्टडी मांगी।
दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि अगर आरोपी पढ़े-लिखे हैं तो उन्हें जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। अदालत ने पुलिस से पांच दिन की रिमांड का कारण पूछा। पुलिस की ओर से कहा गया, "मामले में जांच करनी है कि साजिश किसने रची और कौन-कौन लोग शामिल हैं। टी-शर्ट कहां छापी गईं।" आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ये गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को कम करने वाली है।
अगर प्रदर्शन के चलते गिरफ्तारी होने लगी तो संसद में प्रदर्शन करने वाले सांसदों की भी गिरफ्तारी हो जाएगी। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा, "आरोपी एक राजनैतिक दल से जुड़े हैं, जो विपक्ष में है। उन्होंने 'भारत मंडपम' में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया। कहीं कोई सबूत नहीं है कि इन्होंने किसी को चोट पहुंचाई। प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में पुलिस रिमांड की कोई जरूरत नहीं है।" अदालत में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक याचिका दाखिल करते हुए जमानत की मांग की। वकील ने कहा कि ये नौजवान हैं और इनका करियर बाकी है। फिलहाल मामले में अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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