भारत1.एआई का बड़ा कदम: बेंगलुरु में स्थापित होगा देश का पहला 'ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी'
बेंगलुरु। बेंगलुरु स्थित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी भारत1.एआई ने मंगलवार को घोषणा की कि वह शहर में देश का पहला 'ह्यूमैनिटी-फर्स्ट एआई सिटी' स्थापित करेगी। इस परियोजना का उद्देश्य मॉडल ट्रेनिंग, फाइन-ट्यूनिंग और इंफेरेंस के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म तैयार करना है। कंपनी का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक यहां 10,000 से अधिक एआई शोधकर्ता और नवाचारकर्ता काम करें।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यह पहल शहर स्तर पर रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की योजना है, जिसका मकसद वास्तविक परिस्थितियों में एडवांस एजेंटिक और फिजिकल एआई सिस्टम विकसित करना है। इस योजना के तहत सरजापुर में 5 लाख वर्गफुट में फैला 'बी1 एआई सुपरपार्क' बनाया जाएगा। यह एक आधुनिक एआई रिसर्च और इनोवेशन कैंपस होगा, जिसमें देश के प्रमुख संस्थान शुरुआती रिसर्च पार्टनर के रूप में जुड़ेंगे, जिनमें आईआईटी कानपुर की एयरावत रिसर्च फाउंडेशन, आईआईएससी का सेफ्टी, प्राइवेसी एंड एआई रिसर्च सेंटर (एसपीएआरसी), वधवानी स्कूल ऑफ एआई एंड इंटेलिजेंट सिस्टम्स (आईआईटी कानपुर), बिट्स पिलानी, आईस्पिरिट फाउंडेशन और आईआईटी रोपड़ शामिल हैं।
परियोजना के पहले चरण में नियंत्रित और वास्तविक परिस्थितियों में बुनियादी एआई फ्रेमवर्क को विकसित और परखा जाएगा। साथ ही उच्च गुणवत्ता वाले मल्टीमॉडल डेटा की मदद से शहर स्तर के ओपन वर्ल्ड मॉडल तैयार किए जाएंगे। बड़े पैमाने पर तैनाती से पहले एजेंटिक और फिजिकल एआई सिस्टम के लिए मजबूत वैलिडेशन सिस्टम भी तैयार किया जाएगा। इस कैंपस में 400 जीबीपीएस तक की हाई-स्पीड कनेक्टिविटी होगी, जो प्रमुख एआई क्लाउड प्लेटफॉर्म से सब-मिलीसेकंड लेटेंसी के साथ जुड़ी होगी। इससे बड़े स्तर पर रिसर्च और परीक्षण के दौरान डेटा से जुड़ी रुकावटें नहीं आएंगी। कंपनी के अनुसार, अगले 36 महीनों में यह परियोजना सुपरपार्क से आगे बढ़कर एक बड़े एआई सिटी टेस्टबेड में बदलेगी, जिससे भारतीय और वैश्विक संगठन शहरी स्तर पर एआई सिस्टम का परीक्षण और तैनाती कर सकेंगे।
भारत1.एआई के सह-संस्थापक और सीईओ उमाकांत सोनी ने कहा कि जटिल, वास्तविक दुनिया के परिवेश में परीक्षण किए बिना एआई सिस्टम को बड़े स्तर पर लागू करना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत1.एआई मानवता के लिए हमारा एक बड़ा उद्यम है, जिसका मकसद सुरक्षित, भरोसेमंद और मानव मूल्यों के अनुरूप एआई सिस्टम तैयार करना है। इसी बीच, ग्लोबल साउथ के सबसे बड़े एआई सम्मेलनों में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' अपने दूसरे दिन में प्रवेश कर गया। पांच दिवसीय यह सम्मेलन 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि, 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और उपमंत्री तथा 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
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