प्रधानमंत्री मोदी ने एआई और गहन तकनीक स्टार्टअप्स के सीईओ से की बातचीत, नवाचार और अनुसंधान पर दिया बल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के अंतिम दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और गहन तकनीक क्षेत्र से जुड़े प्रमुख स्टार्टअप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हेल्थकेयर, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और अन्य उभरते क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय स्टार्टअप्स की तकनीकी परियोजनाओं और नवाचारों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान स्टार्टअप्स के सीईओ के साथ गहन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न तकनीकी समाधानों, अनुसंधान और उत्पाद विकास से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की। स्टार्टअप्स ने अपने एआई आधारित समाधान और उनके सामाजिक तथा आर्थिक प्रभाव के बारे में जानकारी दी।
ये भी पढ़ें यूपी विधानसभा में गूंजे ठहाके: नेता प्रतिपक्ष के भाषण पर क्यों हंसते रहे CM योगी? जानें पूरा माजराबैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता , मशीन लर्निंग और गहन तकनीक तकनीक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती हैं। प्रधानमंत्री ने नवाचार, अनुसंधान और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा और उद्यमी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं और देश को तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं। सरकार का फोकस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने, स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने और डिजिटल समाधान विकसित करने पर है।
नई दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय एआई इम्पैक्ट समिट का शुक्रवार को समापन हो रहा है। 16 फरवरी से शुरू हुए इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग जगत के नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई सहित कई वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों ने एआई के भविष्य, उसके उपयोग और उससे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने भी विभिन्न सत्रों में भाग लेकर भारत की तकनीकी क्षमता और एआई के क्षेत्र में देश की भूमिका को रेखांकित किया।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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