राहुल गांधी ने अमित शाह को सीधी चुनौती दी, कहा : लाल चौक पर यात्रा निकालें
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को श्रीनगर के लाल चौक पर यात्रा निकालने की सीधी चुनौती दी है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान रविवार को अपने अंतिम पड़ाव श्रीनगर में श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर तिरंगा फहराया। राहुल ने श्रीनगर में प्रेसवार्ता कर कहा, “कश्मीर में […]
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को श्रीनगर के लाल चौक पर यात्रा निकालने की सीधी चुनौती दी है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान रविवार को अपने अंतिम पड़ाव श्रीनगर में श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर तिरंगा फहराया।
राहुल ने श्रीनगर में प्रेसवार्ता कर कहा, “कश्मीर में हालात ठीक नहीं हैं। टारगेट किलिंग हो रही है, बम ब्लास्ट हो रहे हैं। हालात इतने ही अच्छे हैं तो बीजेपी और गृहमंत्री अमित शाह को एक यात्रा जम्मू से श्रीनगर के लाल चौक तक करनी चाहिए। जिस नए कश्मीर की बात हो रही है, मुझे कोई ऐसे नहीं मिला जो जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात को लेकर खुश हो।”
राहुल ने कहा, “मेरी जिंदगी का सबसे गहरा और सबसे सुखद अनुभव रहा। मेरे पास शब्द नहीं है यात्रा को अनुभव को समझाने के लिए कि ये यात्रा कैसी रही।
ये भी पढ़ें यूपी के कई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: आजमगढ़ सहित कई जिलों में हाई अलर्ट, सघन चेकिंग अभियान जारीयात्रा में महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे उठाए। किसानों और मजदूरों की आवाज सुनने को मिली। यह यात्रा नफरत और हिंसा के माहौल के खिलाफ थी। यात्रा को बहुत प्यार भरा समर्थन मिला। भारत की जनता की ताकत देखने को मिली। महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे उठाए। किसान, मजदूर युवा, छोटे व्यपारी सभी परेशान है, उनका दर्द सुना। यह यात्रा में मेरे जीवन का सबसे गहरा अनुभव मिला है। यात्रा सफल होने पर सबका धन्यवाद। सुरक्षाबलों का भी बहुत बहुत धन्यवाद।”
ये भी पढ़ें बहुजन लड़की मेघा लवारिया का वायरल बयान: “मैं ब्राह्मण नहीं, फिर भी ब्राह्मणवाद जिंदाबाद!”राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा भी उठाया और इसे ‘सबसे बड़ा मुद्दा’ करार दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि गैर-स्थानीय लोग जम्मू और कश्मीर चला रहे हैं और इस क्षेत्र में व्यवसायों को हड़प रहे हैं। बाकी राज्यों की विधानसभा अस्तित्व में है, तो यहां के लोगों को भी यह अधिकार मिलना चाहिए। यही लद्दाख के लोग भी चाहते हैं।”
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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