शामली में बाल विवाह रोकथाम को लेकर धर्म गुरुओं के साथ बैठक
शामली। मंगलवार को थानाभवन थाना परिसर में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर धर्म गुरुओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन जिला प्रोबेशन अधिकारी श्री मोहम्मद मुशफेकीन के नेतृत्व में किया गया।
जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान 27 नवंबर से 8 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है। बैठक में विभिन्न धर्मों के धर्म गुरुओं, श्रद्धालु समुदाय तथा विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर सहित अन्य धार्मिक स्थलों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ-साथ मैरिज हॉल, बैंक्विट हॉल, बैंड पार्टी, डीजे, कैटरर्स, फोटोग्राफर एवं टेंट हाउस संचालकों को भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग से सदफ खान ने बताया कि बाल विवाह वह स्थिति है, जिसमें लड़की की आयु 18 वर्ष से कम एवं लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होने के बावजूद विवाह कर दिया जाता है, जो कि पूर्णतः गैरकानूनी है। 18 वर्ष से कम आयु में बालिकाओं तथा 21 वर्ष से कम आयु में बालकों का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए दो वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसके साथ ही बाल विवाह में सम्मिलित सभी व्यक्ति बराती, फोटोग्राफर, टेंट एवं कैटरिंग संचालक, मौलवी, पंडित, बैंड संचालक आदि के विरुद्ध भी विधिक कार्यवाही करते हुए एफआईआर दर्ज की जा सकती है। मौके पर सीओ थानाभवन जितेन्द्र कुमार, पारुल चौधरी मौजूद रहे।
