एनजीटी की बड़ी कार्रवाई: शामली के 'आयनेक्स टेक्सटाइल पार्क' के निर्माण पर तत्काल रोक, अवैध निर्माण और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस
नई दिल्ली/शामली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रधान पीठ ने शामली जिले के ग्राम रतौंद में विकसित किए जा रहे 'आयनेक्स टेक्सटाइल पार्क' के निर्माण पर कड़ा रुख अपनाते हुए अंतरिम रोक लगा दी है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बिना वैध 'एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस' (EC) और आवश्यक वैधानिक अनुमतियों के परियोजना स्थल पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।
बिना पर्यावरणीय स्वीकृति के कृषि भूमि पर निर्माण का आरोप
डॉ. अमित कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया कि यह टेक्सटाइल पार्क लगभग 1,15,571 वर्ग मीटर कृषि भूमि पर अवैध रूप से विकसित किया जा रहा है। याचिकाकर्ता के अनुसार, पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना 2006 के तहत इतने बड़े पैमाने की औद्योगिक परियोजना के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति लेना अनिवार्य है। आरोप है कि बिल्डर ने न तो केंद्र से 'एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस' ली और न ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से 'कंसेंट टू एस्टेब्लिश' (CTE) प्राप्त की। इसके अतिरिक्त, धूल नियंत्रण के लिए अनिवार्य डस्ट वेब पोर्टल पर भी पंजीकरण नहीं कराया गया।
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न्यायालय के समक्ष यह तथ्य प्रमुखता से रखा गया कि यह परियोजना स्थल पर्यावरण के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील है:
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शैक्षिक संस्थान: यह पार्क एक पब्लिक स्कूल के बिल्कुल बगल में बनाया जा रहा है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर 'रेड कैटेगरी' के प्रदूषण का खतरा है।
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जल एवं वन संरक्षण: परियोजना स्थल जल प्रवाह क्षेत्र से मात्र 100-200 मीटर की दूरी पर है। साथ ही यह अधिसूचित आरक्षित वन के समीप स्थित है, जहाँ औद्योगिक इकाइयां प्रतिबंधित हैं।
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आवासीय क्षेत्र: रिहायशी इलाकों के 500 मीटर के दायरे में होने के कारण स्थानीय निवासियों के जीवन पर भी संकट बताया गया है।
28 मई को होगी अगली सुनवाई
वादी के वकील रोबिन सिंह ने बताया कि पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा है कि आदेश का कड़ाई से पालन हो। मामले की अगली सुनवाई 28 मई 2026 को निर्धारित की गई है, तब तक किसी भी प्रकार के निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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