शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे: मुरादाबाद के 60 गांवों से होकर गुजरेगा नया कॉरिडोर, एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण के लिए गजट किया जारी, ठाकुरद्वारा में सर्वाधिक प्रभावित होंगे गांव
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नया आयाम देने वाले शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कदम बढ़ा दिए हैं। एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने हेतु गजट जारी कर दिया गया है। मुरादाबाद जिले में इस परियोजना के लिए सिटी मजिस्ट्रेट विनय पांडेय को भूमि अधिग्रहण अधिकारी नियुक्त किया गया है। वर्तमान में एनएचएआई द्वारा एक्सप्रेसवे के मार्ग में आने वाले गाटा संख्या और खसरों को चिह्नित करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
डीपीआर का इंतजार, जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
अधिग्रहण अधिकारी विनय पांडेय ने बताया कि एनएचएआई से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्राप्त होते ही जमीन के सटीक स्थान और रकबे का निर्धारण हो जाएगा। हालांकि, एनएचएआई ने एहतियातन गजट जारी कर संबंधित गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय और लैंड यूज चेंज (भू-उपयोग परिवर्तन) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। धारा 3-ए के तहत गाटा खसरा की सूची तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर किसानों को मुआवजा और अधिग्रहण की आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
ठाकुरद्वारा के 26 गांवों समेत जिले के 60 गांव शामिल
शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे मुरादाबाद जिले के कुल 60 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा। इस परियोजना में तहसील ठाकुरद्वारा के सर्वाधिक 26 गांव शामिल किए गए हैं, जबकि शेष गांव जिले की अन्य तहसीलों से लिए जाएंगे। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, जमीन का सीमांकन जिला प्रशासन की टीम द्वारा किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे के निर्माण में कम से कम तीन साल का समय लगने का अनुमान है।
अधिकारियों का क्या है कहना?
एनएचएआई मुरादाबाद जोन के परियोजना निदेशक (PD) अरविंद कुमार ने जानकारी दी कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार गजट जारी होने के बाद आधिकारिक तौर पर भूमि अधिग्रहण का कार्य शीघ्र शुरू होगा। परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए कागजी कार्यवाही को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वांचल तक की राह बेहद आसान हो जाएगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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