कैराना के डग्गामार वाहनों की आय पर गिद्दों की नजर, परिक्रमा हुई शुरू
कैराना। आय का स्रोत बने अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन पर गिद्दों की नजर पड़ गई है। नगर में चर्चा है कि डग्गामार वाहनों के खेल पर कब्जा करने के लिए पावर का इस्तेमाल कर आय का स्रोत्र बनाने पर लोग परिक्रमा कर रहें है। लगभग 75 अवैध डग्गामार वाहनों से लाखों रुपये की अवैध […]
कैराना। आय का स्रोत बने अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन पर गिद्दों की नजर पड़ गई है। नगर में चर्चा है कि डग्गामार वाहनों के खेल पर कब्जा करने के लिए पावर का इस्तेमाल कर आय का स्रोत्र बनाने पर लोग परिक्रमा कर रहें है। लगभग 75 अवैध डग्गामार वाहनों से लाखों रुपये की अवैध वसूली की चर्चा जोरों पर है।
प्रदेश की योगी सरकार ने प्रत्येक जनपद के आला अधिकारियों को अवैध स्टैंड,मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग व डग्गामार वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कड़े निर्देश दे रखे हैं।
इसके बावजूद नगर के कांधला तिराहे व पालिका बाजार से इनका संचालन जारी है। अवैध डग्गामार वाहन खुलेआम सड़कों पर फर्राटे भर रहे हैं,जिन पर पुलिस अक्सर प्रभावी कार्रवाई करने से परहेज करती है।
आश्चर्यचकित करने वाली बात यह है कि प्रत्येक वाहन कोतवाली के उस मुख्य द्वार के सामने से होकर गुजर जाते हैं,जिसके अंदर बैठकर अधिकारी आम जनता को कानून का पाठ पढ़ाते हैं,लेकिन खुद कानून का पालन कराने में असफल क्यों? क्या कोतवाली प्रांगण के बीच बैठे पुलिस अधिकारियों की नजर इन अवैध डग्गामार वाहनों पर नही पड़ती। या फिर लालच के हवस में उन्हें नजर अंदाज कर दिया जाता है।
शुक्रवार को पुलिस जैसे ही डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए सड़कों पर उतरी तो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अब डग्गामार वाहनों के संचालन से निजात मिलने वाली है, लेकिन मात्र दो ही वाहनों पर पुलिस का हंटर चल पाया, बाकी को वरदान क्यों।
पुलिस की यह कार्रवाई नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।अंधेरे में स्टीक निशाना लगाकर अपराधियों को सबक सिखाने वाली खाकी यहां दिन के उजाले में कार्रवाई से क्यों परहेज कर रही है।
मुख्यमंत्री के आदेशों को नहीं मानते अधिकारी
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए आला अधिकारियों को कड़े निर्देश दे रखे हैं,जिसका असर भी प्रदेश में अनेकों स्थानों पर देखने को मिलता है,लेकिन कैराना नगर में अधिकारी प्रदेश के मुखिया के आदेशों भी नही मानते। यहां खुलेआम आदेशों की अवहेलना देखने को मिल रही है।
अवैध स्टैंड,मुख्य मार्ग पर वाहनों की अवैध पार्किंग आज भी ज्यों की त्यों संचालन किया जा रहा है। नगर में अतिक्रमण पर प्रहार करने वाली पुलिस मार्ग पर जाम की स्थिति पैदा करने वाले डग्गामार वाहनों पर मेहरबान नजर आ रही है, क्योंकि इसने सुविधाशुल वसूला जाता है।
अवैध कार्य को कब्जाने के कांधला क्षेत्र के नेता की परिक्रमा हुई शुरू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्य प्रदेशों के लिए रोल मॉडल के रूप में कार्य कर रहें है। वही अपने व्यक्तित्व व निष्पक्ष कार्यशैली की वजह से जाने जाते है। लेकिन नगर में चर्चा है कि कांधला क्षेत्र के भाजपा नेता के कुछ गुर्गे इस अवैध कार्य को कब्जाने के लिए दिन रात परिक्रमा कर रहें है।
वही नेता जी भी इन्हें काबिज कराने के लिए जोर लगा रहे है। लेकिन यह काजल की काली कोठरी है। इसके पास जाने वालों को कालस तो लगेगी ही।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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