रामपुर में डीएम के आदेश बेअसर, हाईवे पर खुलेआम रुक रहीं रोडवेज बसें, हादसों का खतरा बढ़ा
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने पिछले एक महीने में दो बार आदेश जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी रोडवेज बसें केवल रोडवेज परिसर के भीतर से ही यात्रियों को बैठाएं और उतारें, ताकि हाईवे पर जाम और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को रोका जा सके। इसके बावजूद दिल्ली-नैनीताल हाईवे 87 पर माल गोदाम तिराहा, दिल्ली-लखनऊ हाईवे 24 पर सिविल लाइंस थाने के सामने और रोडवेज बस अड्डे के मुख्य द्वार के बाहर बस चालक खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
इस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) राम प्रसाद ने दावा किया है कि बस संचालन पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है और बसें निर्धारित परिसर से ही संचालित की जा रही हैं। हालांकि, जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आ रही है। रोडवेज परिसर के भीतर यात्रियों की संख्या कम दिखाई दे रही है, जबकि हाईवे पर बसें रुककर यात्रियों को उतारने और चढ़ाने का सिलसिला जारी है।
ये भी पढ़ें मेरठःसेंट्रल मार्केट व्यापारियों ने पीएम मोदी से मिलने का समय मांगा, मंडलायुक्त को सौंपा ज्ञापनस्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर बसों के रुकने से अक्सर जाम लग जाता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से इस समस्या पर सख्ती से कार्रवाई करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। फिलहाल, प्रशासन के आदेशों के बावजूद स्थिति में सुधार न होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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