बागपत में अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शा स्वीकृति के निर्माण पर प्रशासन ने चलाया विशेष अभियान
बागपत। जनपद में अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शा स्वीकृति के निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर अभियान चलाया। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशानुसार विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने खेकड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए नौ दुकानों को सील कर दिया, जबकि करीब 27 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर भी सख्त कदम उठाए गए।
सुबह से ही प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ चिन्हित स्थानों पर पहुंची और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले खेकड़ा पाठशाला क्षेत्र में अभियान चलाया गया, जहां कपिल धामा द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के नौ दुकानों का निर्माण कराया गया था। जांच के दौरान निर्माण कार्य को अवैध पाए जाने पर प्रशासन ने तत्काल दुकानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल रहा और कई अन्य निर्माण कार्य भी बंद कर दिए गए।
इसके बाद प्रशासन की टीम डूंडाहेड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र में पहुंची, जहां शुभलक्ष्मी इंडस्ट्रियल टाउनशिप के नाम से लगभग 8000 वर्गमीटर भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। यह भूमि नाले की पटरी पर स्थित होने के कारण संवेदनशील क्षेत्र में आती है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
अभियान के दौरान फखरपुर मार्ग पर लगभग 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही आवासीय कॉलोनी पर भी कार्रवाई की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लाटिंग को हटवाया और संबंधित भूस्वामियों को नोटिस जारी किया। प्रशासन ने चेतावनी दी कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियां नियमों के खिलाफ हैं और इनके खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
इसके बाद प्रशासन की टीम मुबारिकपुर क्षेत्र में पहुंची, जहां मुबारिकपुर फाटक के पास लगभग 8000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही कॉलोनी पर कार्रवाई की गई। यहां भी बिना स्वीकृति प्लाटिंग की जा रही थी। प्रशासन ने निर्माण कार्य बंद कराया और भूमि को प्रशासनिक नियंत्रण में लिया। इसी क्रम में मुबारिकपुर बसी मार्ग पर अजय धामा सहित अन्य भूस्वामियों द्वारा लगभग 9500 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही कॉलोनी को भी चिन्हित कर कब्जा हटवाने की कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्पष्ट कहा कि जनपद में अवैध निर्माण और अनियमित प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में लगातार अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी कॉलोनी या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें।
अनियमित प्लाटिंग से शहरी विकास प्रभावित होता है। ऐसी कॉलोनियों में सड़क, जल निकासी, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हो पाती। इसके अलावा सरकार को राजस्व नुकसान भी होता है। प्रशासन का यह अभियान जनपद में सुव्यवस्थित शहरी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में संचालित है।
अभियान के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की। अवैध निर्माण के कारण क्षेत्र में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। जनपद में लगातार सर्वे कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है। आने वाले समय में भी इसी प्रकार अभियान चलाकर अवैध कॉलोनियों और निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पूरे अभियान के दौरान विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम की अहम भूमिका रही और सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए।
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