नागरिकों में आक्रोश: किन्नरों की दबंगई से परेशान लोगों ने पुलिस से माँगी सुरक्षा
बिजनौर | जनपद बिजनौर के थाना हल्दौर क्षेत्र स्थित कस्बा झालू में किन्नरों द्वारा ज़बरदस्ती धन उगाही करने के संबंध में पुलिस चौकी पर शिकायत देते हुए नागरिकों ने सुरक्षा की मांग की है | पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि कुछ किन्नर समुदाय के लोग क्षेत्र में घर-घर जाकर नवजात शिशु के जन्म अथवा विवाह जैसे पारिवारिक अवसरों पर ज़बरदस्ती अत्यधिक धनराशि (हजारों रुपये) की मांग कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में विहान शोरूम मालिक की कोठी के स्विमिंग पूल में मिला चौकीदार का शव, फैली सनसनीयदि किसी परिवार द्वारा इतनी बड़ी धनराशि देने में असमर्थता व्यक्त की जाती है, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा दबाव बनाकर धन वसूला जाता है। इस प्रकार की घटनाओं से कस्बा वासियों में रोष एवं भय का वातावरण व्याप्त है। हम सभी नागरिक सामाजिक सौहार्द एवं आपसी सम्मान में विश्वास रखते हैं, किन्तु किसी भी प्रकार की ज़बरदस्ती, दबाव या अवैध धन उगाही को स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस विषय में आवश्यक जांच कर उचित कानूनी कार्यवाही करने की मांग की गई है। ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनी रहे।
यदि भविष्य में पुनः इस प्रकार की ज़बरदस्ती की जाती है तो झालू कमेटी एवं समस्त क्षेत्रवासी कानून के अंतर्गत कार्यवाही हेतु बाध्य होंगे। इस मौके पर विहिप नेता ज्ञानेश्वर सिंह, घनश्याम सिंह मलिक, परवीन सिंह, गौरव, विशाल, संजय, अरुण कुमार, रजनीश सिंह, सुधीर, विनित चौधरी , मुनेंद्र, दिनेश कुमार आदि बड़ी संख्या में मौजूद रहे |
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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