रालोद के पूर्व विधायक की हत्या में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर गुड्डू समेत 14 दोषी सिद्ध, सोमवार को सुनाई जाएगी सजा
बुलंदशहर – उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जनपद के न्यायाधीश पंकज कुमार की अदालत ने अलीगढ़ जिले के इगलास विधानसभा क्षेत्र से विधायक व उनके अंगरक्षक की निर्मम हत्या को अंजाम देने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 14 आरोपियों को 17 वर्ष बाद आज दोषी करार दिया। अदालत इस मामले में दोषसिद्धि के बाद आदेश […]
बुलंदशहर – उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर जनपद के न्यायाधीश पंकज कुमार की अदालत ने अलीगढ़ जिले के इगलास विधानसभा क्षेत्र से विधायक व उनके अंगरक्षक की निर्मम हत्या को अंजाम देने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष समेत 14 आरोपियों को 17 वर्ष बाद आज दोषी करार दिया। अदालत इस मामले में दोषसिद्धि के बाद आदेश सोमवार को पारित करेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते इगलास विधानसभा क्षेत्र से आरएलडी विधायक मलखान सिंह व उनके अंगरक्षक को 30 मार्च 2006 को अलीगढ़ में गोलियों से भून दिया गया था।
इस घटना में वादी पक्ष ने 18 आरोपी बनाए थे जिनमें तीन आरोपियों की मौत हो चुकी और एक मेडिकल पर है।
एसएसपी ने बताया कि यह मुकदमा वादी पक्ष ने बुलंदशहर जनपद न्यायालय में हस्तांतरित करा लिया था,
आज बुलंदशहर जिला जज पंकज कुमार ने 14 आरोपियों को गिल्टी होल्ड सिद्ध करते हुए सोमवार को सज़ा सुनाने का ऐलान कर दिया है।
आपको बता दे कि अलीगढ के क्वार्सी क्षेत्र की मान सरोवर कालोनी स्थित आवास के बाहर 30 मार्च 2006 की शाम इगलास के पूर्व विधायक मलखान सिंह और उनके अंगरक्षक की गोली मारकर हत्या की गई थी। यह मुकदमा उनके भाई दलवीर सिंह की ओर से दर्ज कराया गया। मुकदमे में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू सहित 18 आरोपी बनाए गए थे ।
पूर्व विधायक के भाई दलवीर सिंह बताते हैं कि अदालत ने आरोपियों को दोष सिद्ध करार दिया है। अब फैसला सोमवार को सुनाया जाएगा। हमें न्यायालय से न्याय की पूरी उम्मीद है। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल उपाध्याय ने बताया कि आरोपियों को दोष सिद्ध करार दिया गया है। सजा सोमवार को सुनाई जाएगी।
आज अदालत द्वारा दोषी सिद्ध किये गए जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तेजवीर गुड्डू सिंह का आपराधिक इतिहास तीस साल पुराना है। वर्ष 2006 में हुई पूर्व विधायक मलखान सिंह की हत्या में आरोपित गुड्डू पर चार बार एनएसए लगाया जा चुका है। पांच बार गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की गई। इसके अलावा 30 मुकदमे दर्ज हुए थे। एक उद्योगपति पर हमले के मामलेे में तेजवीर के दोनों बेटे भी जेल में हैं।
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