बुलंदशहर में कांग्रेस कार्यकर्ता की पिटाई पर बवाल: थाने में जिलाध्यक्ष का जोरदार धरना, पुलिस ने मांगी माफी
गन्ने के ट्रक को धीरे चलाने की सलाह देना पड़ा भारी; चौकी इंचार्ज पर मारपीट और अवैध हिरासत का आरोप, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने घेरा थाना

बुलंदशहर/पहासू। जनपद के पहासू थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक कांग्रेस कार्यकर्ता के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट और उसे लॉकअप में बंद करने के मामले ने तूल पकड़ लिया। घटना अलीगढ़ अड्डे की है, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ता शाहिद अल्वी ने एक तेज रफ्तार गन्ने के ट्रक को धीरे चलाने के लिए कहा था। आरोप है कि मौके पर पहुँची पुलिस ने ट्रक चालक का पक्ष लेते हुए शाहिद अल्वी की पिटाई कर दी और उन्हें थाने ले जाकर बंद कर दिया।
देर रात थाने पहुँचे जिलाध्यक्ष, सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
शाहिद अल्वी के साथ हुई बदसलूकी की खबर मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट देर रात 11 बजे अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पहासू थाने पहुँच गए। पुलिस की 'तानाशाही' के खिलाफ जिलाध्यक्ष ने थाने के भीतर ही धरना शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष ने तत्काल इस मामले से एसएसपी और एसपी देहात को अवगत कराया और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने जताया खेद, तब खत्म हुआ प्रदर्शन
घंटों चले हंगामे और कार्यकर्ताओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस बैकफुट पर आ गई। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ता शाहिद अल्वी को रिहा किया और घटना पर खेद व्यक्त किया। इसके बाद ही जिलाध्यक्ष ने अपना धरना समाप्त किया। जियाउर्रहमान ने आरोप लगाया कि पहासू चौकी इंचार्ज और वहां तैनात सिपाही जानबूझकर कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि: जियाउर्रहमान
जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि दोषी दरोगा और सिपाहियों के खिलाफ हर कीमत पर कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पहासू में तैनात कुछ पुलिसकर्मी उच्चाधिकारियों की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं और जनता के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। कांग्रेस किसी भी सूरत में अपने कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न नहीं होने देगी।
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