चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में लोक संस्कृति का नया अध्याय: पद्मश्री मालिनी अवस्थी बनीं 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस'

मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिक्षा केंद्र, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) में भारतीय ज्ञान परंपरा और लोक संस्कृति को एक नई ऊंचाई मिलने जा रही है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक गायिका और पद्मश्री से सम्मानित मालिनी अवस्थी को हिंदी विभाग में 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के पद पर नामांकित किया गया है। इस नियुक्ति से न केवल विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ा है, बल्कि अकादमिक जगत और लोक कला के बीच एक मजबूत सेतु भी तैयार हुआ है।
मालिनी अवस्थी देश की उन अग्रणी लोक गायिकाओं में शुमार हैं, जिन्होंने अवधी, भोजपुरी, ब्रज और बुंदेली लोक संस्कृतियों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। अब उनके अनुभवों का सीधा लाभ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को मिलेगा। प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में उनकी भूमिका छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें लोक भाषा, परंपरा और संस्कृति का व्यावहारिक एवं सांस्कृतिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी।
कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय जड़ों और लोक संस्कृति का समन्वय स्थापित करना है। मालिनी अवस्थी जैसी विदुषी कलाकार के जुड़ने से हिंदी विभाग के शैक्षणिक परिवेश में एक नया उत्साह संचारित होगा। विशेषकर छात्राओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर होगा कि वे अपनी मिट्टी की खुशबू, लोक गीतों की बारीकियों और सांस्कृतिक धरोहर को एक विशेषज्ञ के माध्यम से समझ सकेंगी।
शिक्षाविदों का मानना है कि यह कदम भारतीय ज्ञान परंपरा को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। मालिनी अवस्थी के मार्गदर्शन में छात्र लोक संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के अंतर्संबंधों पर शोध और व्यावहारिक कार्य कर सकेंगे, जिससे लुप्त होती लोक कलाओं के संरक्षण को भी बल मिलेगा। विश्वविद्यालय परिसर में इस खबर के बाद से ही कला और साहित्य प्रेमियों के बीच खुशी की लहर है।
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