भीम ऐप में आया नया फीचर, अब बायोमेट्रिक से होंगे 5,000 रुपए तक के यूपीआई पेमेंट

नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) ने मंगलवार को भीम पेमेंट्स ऐप में यूपीआई पेमेंट के लिए नया बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर लॉन्च किया है। इस नए फीचर के जरिए अब यूजर्स 5,000 रुपए तक के ट्रांजैक्शन को अपने स्मार्टफोन के फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन से मंजूरी दे सकेंगे, जिससे पेमेंट पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा। इस फीचर के साथ यूजर्स को छोटे ट्रांजैक्शन के लिए हर बार यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ये भी पढ़ें मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत का मामला: विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष ने दर्ज कराई एफआईआरइससे गलत पिन डालने या पिन भूलने की वजह से फेल होने वाले पेमेंट भी कम होंगे और यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा। यह बायोमेट्रिक फीचर दोस्तों और परिवार को पैसे भेजने, दुकानदारों के क्यूआर कोड स्कैन करने और ऑनलाइन पेमेंट करने जैसे सामान्य ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस लॉन्च पर एनबीएसएल की एमडी और सीईओ ललिता नटराज ने कहा कि इस ऐप का उद्देश्य डिजिटल पेमेंट को आसान, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से रोजमर्रा के पेमेंट आसान हो जाएंगे और सुरक्षा भी बनी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि फिंगरप्रिंट या फेस से ट्रांजैक्शन कन्फर्म करने से पिन पर निर्भरता कम होगी और पेमेंट सीधे यूजर से जुड़ा रहेगा, जिससे सुरक्षा मजबूत होगी।
यह नया फीचर सुरक्षा को भी बढ़ाता है, क्योंकि फिंगरप्रिंट और फेस डेटा यूजर के डिवाइस में ही सुरक्षित रहता है, जिससे पिन शेयर होने या उसके गलत इस्तेमाल का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, 5,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए यूजर्स को अभी भी यूपीआई पिन डालना होगा, जिससे बड़े पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बनी रहेगी। फिलहाल यह फीचर उन एंड्रॉएड और आईओएस डिवाइस पर उपलब्ध है, जिनमें फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन की सुविधा मौजूद है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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