बांदा के पपरेन्दा गांव में बाढ़ से बिगड़े हालात, घरों में चूल्हे न जलने से भूखे-प्यासे ग्रामीणों ने लगाया जाम
बांदा में बाढ़ और जलभराव से बेहाल ग्रामीणों ने बांदा कानपुर मार्ग पर लगाया जाम
उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के पपरेन्दा गांव में 03 सितंबर को बाढ़ और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने बांदा कानपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। घरों में पानी भरने और चूल्हे न जलने से ग्रामीण भूखे-प्यासे परेशान रहे।
बांदा: लगातार बारिश और बाढ़ के पानी से उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में चिल्ला थाना क्षेत्र के पपरेन्दा गांव में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई। कई रिहाइशों में पानी घुस जाने के कारण वहां रहने वाले लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई। बस्तियों के भीतर पानी भर जाने के कारण लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जल सके और कई परिवार पूरे दिन खाने तथा पीने के पानी की किल्लत से जूझते रहे। इस विकट स्थिति से परेशान होकर स्थानीय लोगों ने बांदा कानपुर मार्ग पर यातायात रोककर जाम लगा दिया।
अधिकारियों को दी गई थी शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्रामीणों ने जलभराव और घरों में घुसे पानी की शिकायत गुरुवार को सबेरे जिलाधिकारी और सदर एसडीएम से की थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रभावित लोगों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, सदर एसडीएम नमन मेहता ने जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए तहसील प्रशासन को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद सदर तहसीलदार विकास पांडेय और लेखपाल सुधीर यादव गांव पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को बताया कि घरों के अंदर पानी घुसने से न केवल घरेलू सामान खराब हो रहा है, बल्कि उनके लिए खाना बनाना भी बेहद मुश्किल हो गया है। सदर तहसीलदार विकास पांडेय ने पानी की निकासी के लिए जेसीबी मशीन मंगवाकर नाले की सफाई कराने के निर्देश दिए और साथ ही प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया था।
जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस
ग्रामीणों का ऐसा आरोप है कि सुबह की गई शिकायत और अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद शाम ढलने तक जलभराव की समस्या का कोई समाधान नहीं निकला और न ही उनके लिए भोजन व पानी का कोई इंतजाम किया गया। इससे आक्रोशित होकर भूखे-प्यासे ग्रामीणों का धैर्य टूट गया और उन्होंने सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। सड़क जाम किए जाने की खबर मिलते ही पपरेन्दा चौकी की पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी अपनी सारी परेशानी बताई और कहा कि उनके घरों में पानी भरा हुआ है, चूल्हे नहीं जले हैं और कई परिवार सुबह से ही भूखे-प्यासे भटक रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें जाम समाप्त करने के लिए समझाने के साथ ही मुकदमा दर्ज किए जाने की चेतावनी भी दी। पुलिस की इस चेतावनी के बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन समाप्त करते हुए जाम खोल दिया। हालांकि इसके बावजूद ग्रामीणों के भीतर प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी बनी रही और उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द भोजन, पीने का पानी और अन्य राहत सामग्री पहुंचाई जाए। इस पूरे मामले को लेकर सदर एसडीएम नमन मेहता ने बताया कि जलभराव की इस समस्या का समाधान करने के लिए सवेरे ही निर्देश जारी कर दिए गए थे।
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