फर्जी जीएसटी गिरोह का भंडाफोड़, 2 करोड़ 66 लाख की कर चोरी उजागर, दो गिरफ्तार
कानपुर। जनपद कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जी जीएसटी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। शातिर जाली कागज़ात के सहारे कागज़ी फर्में खड़ी कर जीएसटी पंजीकरण हासिल करता था और बिना किसी वास्तविक लेन-देन के फर्जी टैक्स इनवॉइस व ई-वे बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगा रहा था। पुलिस ने तकनीकी जांच में मिले इंटरनेट आईपी एड्रेस के आधार पर गिरोह के मास्टरमाइंड सीए समेत उसके एक सहयोगी को दबोच लिया है।
जांच में सामने आया कि फर्म के घोषित व्यापार स्थल पर न तो कोई वास्तविक कारोबार हो रहा था और न ही सम्बंधित व्यक्ति वहां रहता था। स्थानीय लोगों ने भी किसी व्यावसायिक गतिविधि से इनकार किया, जबकि पंजीकरण से जुड़ा मोबाइल नंबर बंद मिला। पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि अपूर्व ट्रेडिंग एक कागजी फर्म थी, जिसके जरिए अन्य फर्जी फर्मों को आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर फर्जी टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार किए गए। वर्ष 2019-20 के दौरान इस नेटवर्क के जरिए करीब 2 कराेड़ 54 लाख रुपये टैक्स और 12 लाख 51 हजार रुपये पेनाल्टी, कुल मिलाकर 2 कराेड़ 66 लाख रुपये से अधिक की कर चोरी की गई।
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बर्रा के आदर्श नगर निवासी कमल गौरव साहू और रावतपुर निवासी एहतेशाम हुसैन को गिरफ्तार किया है। आरोपित के पास से पैन कार्ड, मोबाइल फोन, जीएसटी रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, ई-वे बिल, फर्जी इनवॉइस समेत अहम साक्ष्य बरामद किए गए हैं। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां