1 एकड़ में पान की खेती से कमाएं 10 लाख तक सालाना, कम जमीन में ज्यादा मुनाफा देने वाली नकदी फसल
आज के समय में कई किसान पारंपरिक खेती के साथ साथ ऐसी फसलों की तलाश कर रहे हैं जिनसे कम जमीन में ज्यादा मुनाफा मिल सके। ऐसी ही एक फसल है पान की खेती जो अब तेजी से एक लाभदायक नकदी फसल के रूप में उभर रही है। सही तकनीक और अच्छी देखभाल के साथ इस खेती से किसान सालाना लाखों रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर पान की खेती सही तरीके से की जाए तो एक एकड़ जमीन से सालाना आठ से दस लाख रुपये तक की आय संभव है। यही वजह है कि अब कई किसान इस खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
पान की खेती के लिए जरूरी होता है खास ढांचा
पान की खेती सामान्य फसलों की तरह खुले खेत में नहीं की जाती। इसके लिए खेत में एक खास प्रकार की छायादार संरचना तैयार की जाती है जिसे बरेजा या बांस का टपर कहा जाता है।
इस ढांचे को बनाने का मुख्य उद्देश्य पान की बेल को तेज धूप तेज हवा और मौसम के नुकसान से बचाना होता है। खेत में बांस लकड़ी या फूस की मदद से एक शेड बनाया जाता है जिसके चारों तरफ जाली लगाई जाती है। इसके ऊपर बांस की छत तैयार की जाती है जिससे पौधों को हल्की धूप और पर्याप्त नमी मिलती रहती है।
ये भी पढ़ें प्लास्टिक मल्चिंग से बढ़ेगी सब्जी की पैदावार कम खर्च में ज्यादा उत्पादन जानिए खेती का आसान तरीकासही तरीके से लगाई जाती हैं पान की कलमें
बरेजा के अंदर पान की कलमों को लाइन में लगाया जाता है ताकि पौधों की बढ़वार अच्छी हो सके। मिट्टी की नमी बनाए रखना इस खेती में बेहद जरूरी माना जाता है। इसलिए इसमें ड्रिप सिंचाई और फॉगर सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है जिससे पौधों को लगातार नमी मिलती रहती है।
अगर पौधों को सही मात्रा में पानी और नमी मिलती रहे तो उनकी बढ़वार तेज होती है और पत्तियों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
खेती के लिए कैसी मिट्टी और तापमान जरूरी
पान की खेती के लिए दोमट मिट्टी या काली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। ऐसी मिट्टी में पौधों की जड़ें मजबूत बनती हैं और पौधों की बढ़वार अच्छी होती है।
इस फसल के लिए पंद्रह से तीस डिग्री सेल्सियस तापमान बेहतर माना जाता है। खेती शुरू करने से पहले खेत की अच्छी जुताई की जाती है और पांच से छह इंच लंबी स्वस्थ कलमों को उचित दूरी पर लगाया जाता है।
सात से आठ महीने में शुरू हो जाती है कमाई
पान की खेती की खास बात यह है कि इसमें कुछ महीनों बाद ही उत्पादन शुरू हो जाता है। पौधों को लगाने के लगभग सात से आठ महीने बाद पहली तुड़ाई शुरू हो जाती है।
एक पौधा करीब एक साल तक लगातार पत्तियां देता है और एक पौधे से लगभग डेढ़ सौ से दो सौ पत्ते तक मिल सकते हैं। इसी वजह से यह खेती किसानों के लिए अच्छी आय का जरिया बन सकती है।
बाजार में सालभर बनी रहती है पान की मांग
पान के पत्तों की मांग पूरे साल बनी रहती है। इसका उपयोग पूजा पाठ पान दुकानों और कई सामाजिक आयोजनों में किया जाता है। यही कारण है कि बाजार में इसकी बिक्री लगातार बनी रहती है।
अगर किसान सही तकनीक अपनाएं और बाजार की सही जानकारी रखें तो पान की खेती से अपनी आय कई गुना तक बढ़ा सकते हैं। कम जमीन में ज्यादा कमाई करने के लिए यह खेती एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

टिप्पणियां