कानपुर के PSIT कॉलेज में बवाल! छात्र की मौत के बाद प्रदर्शन, पुलिस का लाठीचार्ज
कानपुर। शहर के प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान प्रणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (PSIT) में एक दर्दनाक हादसे के बाद बुधवार को भारी बवाल हो गया। कॉलेज परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक छात्र की जेसीबी मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, जिसे काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, कॉलेज कैंपस में निर्माण कार्य चल रहा था, तभी वहां से गुजर रहा छात्र प्रखर अचानक जेसीबी की चपेट में आ गया। हादसे में गंभीर चोट लगने के कारण प्रखर की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह खबर अन्य छात्रों तक पहुंची, पूरे कैंपस में आक्रोश फैल गया। सैकड़ों की संख्या में छात्र इकट्ठा हो गए और कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
सुरक्षा और मुआवजे की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि कैंपस के भीतर चल रहे निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। छात्रों ने मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और कैंपस में तोड़फोड़ की स्थिति पैदा हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने जब छात्रों को समझाने का प्रयास किया तो हंगामा और बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में कई छात्रों के घायल होने की खबर है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और कॉलेज का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीएम अनुभव सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि छात्र प्रखर की मौत के दुखद हादसे के साथ-साथ छात्रों ने क्लास टाइमिंग और अटेंडेंस की सख्ती को लेकर भी कुछ मांगें रखी थीं। प्रशासन का दावा है कि छात्रों की अधिकांश मांगों को कॉलेज प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों ने छात्रों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
फिलहाल पूरे कॉलेज परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि फिर से कोई अप्रिय घटना न हो। यह हादसा शैक्षणिक संस्थानों के भीतर चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी और छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि भीड़भाड़ वाले समय में कैंपस के अंदर भारी मशीनरी का संचालन क्यों किया जा रहा था।
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