बरेली हिंसा पर FSL रिपोर्ट का बड़ा खुलासा: पुलिस पर फेंके गए थे एसिड बम, जिंदा जलाने की थी साजिश
बरेली। उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में पिछले साल 26 सितंबर को हुई हिंसा की साजिश अब फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) रिपोर्ट के बाद बेनकाब हो गई है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह कोई अचानक भड़की भीड़ नहीं थी, बल्कि पुलिस को निशाना बनाकर पेट्रोल बम और तेजाब से हमला करने की पूरी तैयारी की गई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अनुराग आर्य ने शुक्रवार काे बताया कि मौके से मिले सबूतों में पेट्रोल के अंश और तेजाब के रासायनिक तत्व मिले हैं, जो उपद्रवियों की जानलेवा नीयत को उजागर करते हैं। एफएसएल रिपोर्ट में कहा गया है कि उपद्रवियों ने अंधाधुंध पथराव के साथ-साथ पुलिसकर्मियों पर पेट्रोल बम फेंके और कुछ पर एसिड अटैक भी किया गया। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल और कई झुलसे थे। बलवे के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस का वायरलेस सेट और एंटी-रायट गन तक छीन लिया, जिससे कानून-व्यवस्था को चुनौती मिली। एफएसएल रिपोर्ट के बाद पुलिस की कार्रवाई को मजबूती मिली है।
एसएसपी ने दो टूक कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई की संभावना है। रिपोर्ट से बरेली में साजिश की पूरी कड़ी उजागर हो गई है और अपराधियों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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