एसडीएम हटाने की मांग पर अड़े अधिवक्ता, महसी तहसील में हड़ताल से राजस्व को भारी नुकसान
बहराइच। उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच की तहसील महसी में बार एसोसिएशन की ओर से की जा रही कलमबंद हड़ताल पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एसडीएम आलोक प्रसाद पर जातिवादी मानसिकता रखने तथा वादकारियों को अपमानित करने का आरोप लगाया है। हड़ताल के चलते तहसील का समस्त न्यायिक व प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन और शासन स्तर पर लिखित शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उप निबंधक कार्यालय महसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगातार जारी हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज भी पूरी तरह ठप है। इससे स्टाम्प ड्यूटी और अन्य मदों से शासन को अब तक 40 लाख रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हो चुका है। बार एसोसिएशन महसी के अध्यक्ष भारत प्रसाद मिश्र ने कहा कि जब तक एसडीएम आलोक प्रसाद को तहसील महसी से हटाया नहीं जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी। वहीं महामंत्री रामकर्ण त्रिपाठी ने बताया कि अधिवक्ता अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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