मोदी लोक सभा में आते तो अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा का मामला उठाया जाता: डिंपल यादव
नयी दिल्ली। समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ नेता एवं सांसद डिंपल यादव ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बुधवार को लोक सभा में न आने पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के सांसद वाराणसी में मणिकर्णिका घाट को क्षति पहुंचाने और वहां देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा खंडित किये जाने का मामला उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ा।
श्रीमती यादव ने बुधवार की शाम सदन की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित किये जाने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सपा सांसद प्रधानमंत्री के लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के मणिकर्णिका घाट को बुलडोजर से ध्वस्त किये जाने और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा खंडित किये जाने का मामला श्री मोदी के समक्ष उठाना चाहते थे, लेकिन उनके सदन में न आने से निराशा हुई। सपा सांसद देवी अहिल्या बाई होल्कर का चित्र भी प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहते हैं।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि जब पूर्व सेनाध्यक्ष मनोज मुकुन्द नरवणे की पुस्तक प्रकाशित हो गयी है, तो लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को उसके कुछ अंशों काे उद्धृत क्यों नहीं करने दिया जा रहा है। श्रीमती यादव ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध को उचित ठहराते हुए कहा कि इसमें अनेक खामियां सामने आ रही हैं। मामूली विसंगतियों पर लोगों के वोट काटे जाने के विरोध में सुश्री बनर्जी के रुख का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया की कमियां उजागर करते हुए सपा भी उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटायेगी।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल नरवणे की पुस्तक के कुछ अंशों के सामने आने के बाद विपक्षी दलों के तेवर को देखते हुए श्री मोदी डर गये हैं, इसलिए वह सदन में नहीं आये। उन्होंने कहा कि इसी तरह श्री मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गये और भारत के हितों की परवाह किये बगैर अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने जा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस की ही सांसद सयानी घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बुधवार को एसआईआर की खामियों को जिस तरह उच्चतम न्यायालय के समक्ष रखा, वह काबिले तारीफ है। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने लोकतंत्र को बचाने के लिए जिस तरह से अपना पक्ष रखा, वह इतिहास में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि मामूली बातों पर पश्चिम बंगाल में लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां