मुजफ्फरनगर। जनपद में औद्योगिक प्रदूषण और कचरा जलाने (MSW) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और उत्तर प्रदेश पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल आमने-सामने आए। एडीएम प्रशासन संजय सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उद्योगों और ग्रामीणों के बीच के गतिरोध को कम करने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बैठक में प्रदूषण के खतरनाक प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा कि उद्योगों को केवल फाइलों में नहीं, बल्कि

धरातल पर बदलाव दिखाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वायु और जल प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी उद्योगों को लेनी होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि फैक्ट्रियों के आसपास नियमित सफाई और धूल नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
उद्योगों का पक्ष: 'आधे वादे किए पूरे, बाकी के लिए चाहिए वक्त'
पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने बैठक में बताया कि पिछली बैठक में तय किए गए बिंदुओं पर तेजी से काम हुआ है। भोपा

रोड और जानसठ रोड पर फैक्ट्रियों के आसपास सिल्ट हटाई गई है और सफाई अभियान चलाया गया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि उद्योगों में केवल आरडीएफ (RDF) का उपयोग हो रहा है, म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट का नहीं। पंकज अग्रवाल ने शेष समस्याओं के समाधान और उन्नत प्रदूषण नियंत्रण तकनीक लगाने के लिए प्रशासन से दो से तीन माह का समय मांगा है।
सीएसआर (CSR) फंड से सुधरेगी गांवों की तस्वीर
एडीएम प्रशासन संजय सिंह ने बताया कि उद्योगों ने फैक्ट्रियों के बाहर टाइल्स लगवाने, सड़कों पर पानी का छिड़काव करने और गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए आरओ (RO) वाटर कूलर लगवाने का आश्वासन दिया है। यह सभी कार्य उद्योगों के सीएसआर फंड से किए जाएंगे। बैठक में यह भी तय हुआ कि अगली समीक्षा बैठक होली के बाद 16 अप्रैल को होगी, जिसमें अब तक हुई प्रगति की जांच की जाएगी।

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