एएमयू और लखनऊ में खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन, छात्रों और शिया समुदाय ने जताया शोक
अलीगढ़। इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर भारत में विरोध लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए छात्रों ने अपना दुख और गुस्सा जाहिर किया।
विश्वविद्यालय परिसर के अंदर स्थानीय लोग भी छात्रों के विरोध में शामिल हुए। एक प्रदर्शनकारी ने आईएएनएस से कहा, "मैं नौ साल तक ईरान में रहा। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद हमने दोपहर में और फिर रात में प्रदर्शन किया। हम आगे भी विरोध करते रहेंगे और अपनी आवाज उठाएंगे।"
प्रदर्शनकारी ने कहा, "मैं इजरायल और अमेरिका को बताना चाहता हूं कि ईरान पर उनके हमले का मतलब यह नहीं है कि देश खत्म हो जाएगा। ईरान मजबूती से खड़ा रहेगा और मजबूती से जवाब देगा। खामेनेई ने दिखा दिया है कि वह कभी नहीं झुकेंगे।" एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम यहां खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। वे इंसानियत के नेता थे। इससे पहले, राजधानी लखनऊ में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर आए और खामेनेई की मौत पर दुख व्यक्त किया। स्थानीय लोगों ने पुराना लखनऊ के बाजार तीन दिनों तक बंद रखने का भी फैसला लिया।
ऐतिहासिक बड़ा इमामबाड़ा को भी इस अवधि के दौरान बंद रखने का निर्णय लिया गया। शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने कहा कि हम सभी इंसानियत पसंद लोगों से अपील करते हैं कि वे इस गम के मौके पर अपनी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करें। शिया समुदाय के सदस्यों ने बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा पर खामेनेई के पोस्टर लगाए। शोक के प्रतीक के रूप में काले झंडे फहराए गए और कई व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। विरोध के प्रतीक के तौर पर छोटा इमामबाड़ा के मुख्य द्वार पर इजरायल और अमेरिकी झंडे जमीन पर रखे गए।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां