शंकराचार्य विवाद पर बोले उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, चोटी खींचने की घटना को बताया महाअपराध
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शंकराचार्य विवाद पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए धार्मिक आस्थाओं के अपमान पर कड़ा प्रहार किया है। लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने शंकराचार्य के साथ हुई अभद्रता के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि सनातन परंपरा में किसी संत या शंकराचार्य की चोटी खींचना एक महाअपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि जिसने भी ऐसी हिमाकत की है, उसे इसका महापाप लगेगा।
ब्रजेश पाठक ने आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि ईश्वर के दरबार में सब कुछ लिखा जा रहा है और अधर्म करने वालों को समय आने पर इसके दुष्परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन संस्कृति में संतों का स्थान सर्वोच्च है और उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उपमुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार और समाज ऐसे कृत्यों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे जो हमारी धार्मिक मान्यताओं और महापुरुषों की गरिमा को ठेस पहुँचाते हों।
यह बयान उस समय आया है जब प्रदेश में शंकराचार्य और धार्मिक मुद्दों को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। विपक्ष द्वारा भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ब्रजेश पाठक के इस तीखे बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा सरकार इस मामले में धार्मिक संवेदनाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और संतों के प्रति आदर भाव रखने की अपील भी की है।
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