पंकज मलिक ने मजदूरों के वेतन का उठाया मुद्दा, शुगर मिलों में किया जा रहा शोषण
मुजफ्फरनगर। जिले की चरथावल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक ने शुगर मिलों में काम करने वाले मजदूरों के शोषण और वेतन विसंगतियों का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया है। विधायक के इन आरोपों के बाद प्रशासन और श्रम विभाग की टीम ने मिलों की जांच भी शुरू कर दी है।
पंकज मलिक ने आरोप लगाया कि शुगर मिलों में मजदूरों का भारी उत्पीड़न किया जा रहा है और उन्हें वेज बोर्ड के निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सदन में भी यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि मिलों में ठेकेदारी प्रथा इस कदर हावी है कि मजदूरों को उनकी मेहनत का पूरा हक नहीं मिल पा रहा। विधायक के अनुसार, जिन मजदूरों का वेतन कागजों में 18 से 20 हजार रुपये होना चाहिए, उन्हें ठेकेदारों के माध्यम से मात्र 8 से 9 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।
इसके अलावा विधायक ने मिलों में मजदूरों के लिए मूलभूत सुविधाओं जैसे भोजन कक्ष और विश्राम गृह के अभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने तावी, दोराला, शामली, रोहाना, ऊन, थानाभवन और बुढ़ाना जैसी प्रमुख शुगर मिलों की शिकायतों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा।
ये भी पढ़ें कांवड़ लाने वाली तमन्ना मलिक पर बोले जियाउर्ररहमान बर्क,मामले को ज्यादा तूल न देने की अपीलविधायक द्वारा उठाए गए इस संवेदनशील मुद्दे के बाद श्रम विभाग के डिप्टी कमिश्नर शमीम अख्तर के नेतृत्व में एक जांच टीम शुगर मिलों में पहुंची। विभाग की प्रारंभिक जांच में मजदूरों के वेतन कम होने और शोषण के कुछ आरोपों की पुष्टि हुई है। श्रम विभाग ने अपनी जांच आख्या लेबर कमिश्नर को सौंपने की बात कही है, जिसके आधार पर लखनऊ स्तर से आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पंकज मलिक ने चेतावनी दी है कि जब तक मजदूरों को उनके हक का वेतन और न्याय नहीं मिलता, वे इस लड़ाई को सदन से लेकर सड़क तक जारी रखेंगे।
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