गांव की लाइफलाइन ठप! पंचायत चुनाव में देरी और धनबल के आरोपों पर अतुल प्रधान का बड़ा हमला
लखनऊ: पंचायत चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर बहस तेज हो गई है। अतुल प्रधान ने ग्रामीण व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि पंचायतें ही गांव की असली “लाइफलाइन” होती हैं, लेकिन आज यह व्यवस्था कमजोर होती नजर आ रही है।
अतुल प्रधान ने बताया कि हमारे ग्रामीण अंचल में तीन-स्तरीय पंचायत व्यवस्था—ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत (ब्लॉक) और जिला पंचायत—ही गांव के विकास की नींव है। यहीं से सड़क, पानी, सफाई, आवास और रोजगार जैसी योजनाएं बनती हैं और गांव तक लाभ पहुँचता है।
ये भी पढ़ें वेलेंटाइन पर बजरंग दल का पार्क एक्शन! बुर्के वाली लड़की से लड़के को बंधवाई राखी | मुरादाबाद वायरलविशेषज्ञों का कहना है कि पंचायत चुनाव और इन संस्थाओं की मजबूती सीधे ग्रामीण विकास से जुड़ी है। इस विषय पर राजनीतिक दलों और प्रशासन की नज़रें भी लगातार बनी हुई हैं।
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