मथुरा: श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति और शंकराचार्य गद्दी की रक्षा के लिए श्री कृष्ण सेना का शंखनाद; नए पदाधिकारियों की घोषणा

मथुरा। श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और सनातन धर्म की परंपराओं के संरक्षण हेतु 'श्री कृष्ण सेना' एवं 'राधा वाहिनी' ने अपने संगठन का विस्तार करते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य के आशीर्वाद और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के दिशा-निर्देशन में संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देने के लिए नई नियुक्तियों पर मुहर लगाई गई है।
सुधांशु सोम और शालिनी पांडेय को मिली बड़ी जिम्मेदारी
श्री कृष्ण सेना के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पाण्डेय के अनुमोदन से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार:
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सुधांशु सोम (मेरठ): राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, श्री कृष्ण सेना नियुक्त किए गए हैं।
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शालिनी पांडेय (लखनऊ): राष्ट्रीय संगठन महामंत्री, राधा वाहिनी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आगामी 10 दिनों के भीतर अपने-अपने राज्यों के अध्यक्षों और संगठन महामंत्रियों की सूची केंद्रीय कार्यालय को प्रेषित करें, ताकि आंदोलन को देशव्यापी स्वरूप दिया जा सके।
शंकराचार्य गद्दी की मर्यादा और बटुक न्याय प्राथमिकता
नियुक्तियों के अवसर पर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने संगठन के कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति हमारा मूल संकल्प है। इसके साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी की मर्यादा, परंपरा और सुरक्षा के लिए भी व्यापक स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से 'नाबालिग बटुक' को न्याय दिलाने और संस्कृत गुरुकुलों के पारदर्शी संचालन को अपनी प्राथमिकता बताया।
देशव्यापी जनआंदोलन की तैयारी
महाराज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि धार्मिक संस्थानों की गरिमा और परंपराओं से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि आवश्यकता पड़ी, तो संगठन पूरी शक्ति के साथ सड़कों पर उतरेगा और एक बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगा। उन्होंने कहा कि समाज के हितों और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए संगठन का हर सिपाही समर्पित है।
इस संगठनात्मक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति अभियान को नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों के प्रतिनिधि और धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।
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