करणी सेना ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला फूंका
मुरादाबाद। रविवार को मुरादाबाद में करणी सेना ने हिन्दुओं के सुप्रसिद्ध ग्रंथ श्रीरामचरितमानस मानस पर अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में कटघर थाना क्षेत्र के महमूद चौराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला फूंका। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने स्वामी प्रसाद मौर्य की गिरफ्तारी की मांग की। […]
मुरादाबाद। रविवार को मुरादाबाद में करणी सेना ने हिन्दुओं के सुप्रसिद्ध ग्रंथ श्रीरामचरितमानस मानस पर अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में कटघर थाना क्षेत्र के महमूद चौराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला फूंका। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने स्वामी प्रसाद मौर्य की गिरफ्तारी की मांग की।
करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर योगेंद्र सिंह राणा ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने श्रीरामचरितमानस मानस के प्रति अशोभनीय टिप्पणी की है,करणी सेना यह बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने आगे कहा कि कब तक हिंदू समाज अपने ग्रंथों व अपने भगवान के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां सुनता रहेगा।
बिहार के शिक्षा मंत्री के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य का ऐसी अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना, ऐसे लोगों की तुच्छ मानसिकता को दर्शाता है। इसे करणी सेना कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री संगठन अवनीश चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित ठाकुर, जिला अध्यक्ष ठाकुर अखिलेश सिंह कठेरिया, शिवकुमार शर्मा, जिलाध्यक्ष युवा शक्ति ठाकुर, अभिरित प्रताप सिंह, ठाकुर अभिषेक सिंह कठेरिया, ठाकुर चेतन सिंह राणा,अमित कुमार सिंह, ठाकुर तनवीर सिंह, ठाकुर बॉबी सिंह, सचिन शर्मा, कुलदीप सैनी, कुलदीप सिंह गिल, रवि कश्यप, विजय चौहान, मंकू ठाकुर, विक्की ठाकुर, प्रिंस ठाकुर, अतुल चौहान, सुमित चौहान, ऋषभ ठाकुर, आकाश प्रजापति, रजत ठाकुर, लोकेश प्रजापति, अमन ठाकुर, रणजीत चौहान आदि उपस्थित रहे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां