कोडीन सिरप मामले में आरोपित प्रशांत उपाध्याय को तलाश रही एसआईटी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के मड़ौली निवासी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू को कोडीनयुक्त सिरप तस्करी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) टीम और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीमें हर एक स्थान पर तलाश रही हैं। आरोपित प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू के उत्तर प्रदेश के बाहर किसी राज्य में छुपे होने की आशंका जताई जा रही है।
ये भी पढ़ें ईसीआई ने बंगाल सरकार को 17 फरवरी तक चुनाव अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दियाकोडीन सिरप मामले में बनी विशेष जांच दल (एसआईटी) टीम में शामिल एडीसीपी सरवनन टी. ने अपने बयान में मंगलवार को कहा कि कोडीनयुक्त सिरप तस्करी मामले में मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल और उसके गुरु प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू की तेजी से तलाश की जा रही है। शुभम जायसवाल के गुरु के रूप पहचान बनाने वाले प्रशांत की राधिका इंटरप्राइजेज और राजेंद्र इंटरप्राइजेज पर कार्रवाई हुई है।
बीते दिनों कोडीनयुक्त सिरप तस्करी में अमित यादव की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में भी प्रशांत उपाध्याय का नाम सामने आया है। अमित यादव ने यूपी एसटीएफ को बताया है कि प्रशांत ने ही फर्जी कंपनियों को बनाने और उसके माध्यम से फर्जी बिल बनाकर बड़ी धनराशि की हेराफेरी करने के तौर तरीके का ज्ञान दिया है।
बताया जा रहा है कि कोडीन युक्त सिरप तस्करी मामले में फरार प्रशांत उपाध्याय ने कई राजनीतिक चेहरे, अधिवक्ताओं, दवा कारोबारियों की बड़ी धनराशि को तस्करी के धंधे में लगाने का ऑफर दिया था और बड़ी कमाई भी कराया है। इस वर्ष की शुरुआत में प्रशांत के मकान की तलाशी हुई थी और आवश्यक दस्तावेज को सीज किया गया था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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