सिर्फ 90 दिन में 8 लाख तक की कमाई स्ट्रॉबेरी की खेती से बदल रही है गांव की तस्वीर .कम लागत में बड़ा मुनाफा देने वाली नगदी फसल
अगर आप खेती में नई दिशा और ज्यादा मुनाफे की तलाश में हैं तो यह कहानी आपके लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है। जहां पहले किसान धान मक्का और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते थे वहीं अब कई किसान नगदी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। स्ट्रॉबेरी जैसी हाई वैल्यू फसल ने खेती की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। सही तकनीक और समझदारी से की गई खेती महज 90 दिनों में लाखों रुपये की कमाई दे सकती है।
पारंपरिक खेती से हटकर नई सोच
कई किसान पिछले पांच वर्षों से एक एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं और हर सीजन में शानदार मुनाफा कमा रहे हैं। यह फसल करीब 90 दिनों में तैयार हो जाती है जिससे साल में एक से अधिक चक्र संभव हो पाता है। बदलते बाजार और ग्राहकों की मांग को समझते हुए किसानों ने यह जोखिम उठाया और आज इसका फायदा साफ दिखाई दे रहा है।
मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई से बेहतर उत्पादन
स्ट्रॉबेरी की खेती में मल्चिंग विधि और ड्रिप सिंचाई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। मल्चिंग से जमीन की नमी बनी रहती है और खरपतवार कम उगते हैं। ड्रिप सिंचाई से पानी की बचत होती है और पौधों को सीधे जड़ों तक पोषण मिलता है। इन तकनीकों से उत्पादन बेहतर होता है और फसल की गुणवत्ता भी बढ़ती है।
एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती करने में करीब तीन से चार लाख रुपये तक की लागत आती है। इसमें पौधों की खरीद ड्रिप सिस्टम जैविक खाद और देखरेख का खर्च शामिल होता है। एक पौधा लगभग तेरह रुपये के आसपास पड़ता है। हालांकि शुरुआती लागत थोड़ी ज्यादा लग सकती है लेकिन बाजार में मिलने वाली कीमत इसे फायदे का सौदा बना देती है।
बाजार में जबरदस्त मांग और ऊंची कीमत
स्ट्रॉबेरी की बाजार में कीमत लगभग चार सौ से पांच सौ रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है। अच्छी गुणवत्ता होने पर और भी बेहतर दाम मिल सकते हैं। यही वजह है कि किसान एक सीजन में करीब आठ लाख रुपये तक की कमाई कर पा रहे हैं। बढ़ती मांग और सीमित उत्पादन के कारण इस फल की खपत तेजी से बढ़ रही है।
चुनौतियों के बीच मिली सफलता
शुरुआत में पर्याप्त जानकारी और पौधों की व्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आईं। लेकिन हिम्मत और सीखने की लगन ने रास्ता आसान कर दिया। बाहर से पौधे मंगवाकर सावधानीपूर्वक रोपाई की गई और धीरे धीरे मेहनत रंग लाने लगी। अब कई किसान मिलकर स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं और इसे आय का मजबूत स्रोत बना चुके हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक खेती के साथ साथ अगर किसान स्ट्रॉबेरी जैसी नगदी फसलों को अपनाएं तो उनकी आय में कई गुना वृद्धि हो सकती है। सही तकनीक और बाजार की समझ के साथ यह खेती गांवों में आर्थिक बदलाव की नई कहानी लिख सकती है।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

टिप्पणियां