छत और बालकनी में खेती का नया तरीका ग्रो बैग से उगाएं घर पर ताजी सब्जियां कम खर्च में हरियाली

School Ad

आज के तेजी से बदलते जीवन में हर कोई सुकून और सेहत दोनों चाहता है। ऐसे में छत या बालकनी में खेती एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। बढ़ता शहरीकरण और कम होती खुली जगह के बीच यह तरीका लोगों को फिर से प्रकृति से जोड़ रहा है। घर के छोटे से कोने में उगाई गई हरी सब्जियां न केवल थाली को ताजगी देती हैं बल्कि मन को भी सुकून पहुंचाती हैं।

छत पर खेती क्यों बन रही है समय की जरूरत

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग तनाव और थकान से घिरे रहते हैं। छत या बालकनी में पौधों की देखभाल करना मन को शांत करता है। हरियाली देखने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और दिन की थकान कम होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि घर पर उगी सब्जियां पूरी तरह ताजी और रसायन मुक्त होती हैं। इससे परिवार के स्वास्थ्य पर भी अच्छा असर पड़ता है और बाजार पर निर्भरता कम हो जाती है।

Agriculture Tips: गर्मियों में 50 से 60 दिन में तैयार होने वाली फसल से किसानों को मिलेगा तेज मुनाफा ककड़ी की खेती बन रही नई उम्मी ये भी पढ़ें  Agriculture Tips: गर्मियों में 50 से 60 दिन में तैयार होने वाली फसल से किसानों को मिलेगा तेज मुनाफा ककड़ी की खेती बन रही नई उम्मी

गमलों में खेती के फायदे और सीमाएं

लंबे समय से लोग गमलों में पौधे उगाते आ रहे हैं। गमले मजबूत होते हैं और घर की सुंदरता बढ़ाते हैं। इनमें मिट्टी और खाद को नियंत्रित तरीके से रखा जा सकता है और पौधों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान होता है। फूल और सजावटी पौधों के लिए गमले आज भी पसंद किए जाते हैं।

Palak Ki Kheti से किसानों को शानदार मुनाफा कम लागत में तैयार होने वाली फसल बदल रही किसानों की किस्मत ये भी पढ़ें  Palak Ki Kheti से किसानों को शानदार मुनाफा कम लागत में तैयार होने वाली फसल बदल रही किसानों की किस्मत

लेकिन गमलों की कुछ दिक्कतें भी हैं। ये काफी भारी होते हैं जिससे छत पर रखने पर वजन की समस्या आती है। टूटने का खतरा बना रहता है और पानी का निकास सही न होने पर जड़ों में सड़न हो सकती है। गर्मी में गमले जल्दी तप जाते हैं जिससे पौधों की बढ़वार प्रभावित होती है। ज्यादा संख्या में गमले लगाने पर खर्च भी बढ़ जाता है।

मार्च में करें इन ग्रीष्मकालीन सब्जियों की खेती किसानों को मिल सकती है अच्छी कमाई ये भी पढ़ें  मार्च में करें इन ग्रीष्मकालीन सब्जियों की खेती किसानों को मिल सकती है अच्छी कमाई

ग्रो बैग कैसे बने आधुनिक और सस्ते समाधान

इन सभी समस्याओं का हल बनकर ग्रो बैग सामने आए हैं। ये हल्के होते हैं और मजबूत कपड़े जूट या मोटे प्लास्टिक से बनाए जाते हैं। इन्हें छत बालकनी या आंगन में कहीं भी आसानी से रखा जा सकता है। ग्रो बैग में सीधे मिट्टी और खाद भरकर पौधे उगाए जाते हैं जिससे भारी गमलों की जरूरत नहीं रहती।

सबसे खास बात यह है कि ग्रो बैग के लिए ज्यादा खर्च करना जरूरी नहीं है। खाद का खाली कट्टा या आटे और चावल का पुराना पैकेट भी काम में लिया जा सकता है। नीचे और किनारों में छोटे छेद करने से पानी आसानी से निकल जाता है। इससे कम लागत में खेती संभव होती है और घरेलू कचरे का सही उपयोग भी होता है।

ग्रो बैग में उगने वाली सब्जियां और फल

ग्रो बैग की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनमें तरह तरह के पौधे उगाए जा सकते हैं। टमाटर मिर्च बैंगन पालक धनिया जैसी सब्जियां इसमें अच्छी तरह बढ़ती हैं। इसके साथ ही स्ट्रॉबेरी और नींबू जैसे फलदार पौधे भी सफलतापूर्वक उगाए जा सकते हैं। जड़ों को खुली हवा मिलती है जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और पैदावार बेहतर होती है।

कम पानी में ज्यादा फायदा

ग्रो बैग में पानी का निकास बेहतर रहता है। इससे जड़ों में पानी जमा नहीं होता और नमी संतुलित बनी रहती है। हवा का प्रवाह सही होने से पौधे कम बीमार पड़ते हैं और उनकी जड़ें मजबूत होती हैं। पानी की खपत भी कम होती है जो आज के समय में बहुत जरूरी है।

आसान देखभाल और रसायन मुक्त खेती

ग्रो बैग में पौधों की देखभाल करना आसान होता है। आप खुद तय कर सकते हैं कि कौन सी खाद डालनी है और कौन सा जैविक कीटनाशक इस्तेमाल करना है। इससे रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिलता है और परिवार को सुरक्षित भोजन मिलता है। कम मेहनत में अच्छा परिणाम मिलने की वजह से लोग तेजी से इस तरीके को अपना रहे हैं।

बदलती जीवनशैली में ग्रो बैग की भूमिका

आज जब जगह कम है और समय की कमी है तब ग्रो बैग छत और बालकनी में खेती के लिए सबसे व्यावहारिक विकल्प बन चुके हैं। यह तरीका न सिर्फ सेहत और पर्यावरण के लिए फायदेमंद है बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब भी लाता है। छोटे से प्रयास से घर में हरियाली और खुशहाली दोनों लाई जा सकती हैं।

Views: 51

रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:

देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।

टिप्पणियां

लेखक के बारे में

चयन प्रजापत | खेल, कृषि, ऑटोमोबाइल रिपोर्टर Picture

युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

नवीनतम

मुज़फ्फरनगर में धर्मकांटे पर तौल का 'बड़ा खेल' उजागर; 50 कुंतल पर 15 किलो का 'झोल', तौल पर लगी रोक

खतौली/मुजफ्फरनगर। किसानों की मेहनत की कमाई पर 'डाका' डालने वाले कांटा संचालकों के खिलाफ विधिक माप विज्ञान (बाट एवं माप)...
Breaking News  मुज़फ़्फ़रनगर 
मुज़फ्फरनगर में धर्मकांटे पर तौल का 'बड़ा खेल' उजागर; 50 कुंतल पर 15 किलो का 'झोल', तौल पर लगी रोक

मुजफ्फरनगर BJP की नई टीम घोषित: सुधीर सैनी ने किया कार्यसमिति का पुनर्गठन; डॉ. श्वेता कौशिक उपाध्यक्ष और ममता अग्रवाल बनीं जिला मंत्री

मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने मिशन-2027 और संगठन की मजबूती को देखते हुए जिला कार्यसमिति का...
Breaking News  मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर BJP की नई टीम घोषित: सुधीर सैनी ने किया कार्यसमिति का पुनर्गठन; डॉ. श्वेता कौशिक उपाध्यक्ष और ममता अग्रवाल बनीं जिला मंत्री

मुजफ्फरनगर: खाद के साथ जबरन थमाया दूसरा सामान तो खैर नहीं! DM उमेश मिश्रा के सख्त निर्देश— "विक्रेताओं पर दर्ज होगा मुकदमा"

मुजफ्फरनगर। किसानों के हितों की रक्षा और मिट्टी की उर्वरता को बचाने के लिए जिला प्रशासन अब 'एक्शन मोड' में...
Breaking News  मुज़फ़्फ़रनगर 
मुजफ्फरनगर: खाद के साथ जबरन थमाया दूसरा सामान तो खैर नहीं! DM उमेश मिश्रा के सख्त निर्देश— "विक्रेताओं पर दर्ज होगा मुकदमा"

अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान को बड़ी राहत: हरियाणा सरकार ने मुकदमा चलाने से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की कार्यवाही

नयी दिल्ली/चंडीगढ़। 'ऑपरेशन सिंदूर' पर फेसबुक पोस्ट के कारण कानूनी विवादों में घिरे अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद...
Breaking News  मुख्य समाचार  देश-प्रदेश  हरियाणा 
अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान को बड़ी राहत: हरियाणा सरकार ने मुकदमा चलाने से किया इनकार, सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की कार्यवाही

मुरादाबाद BJP महानगर कमेटी घोषित: सवर्ण समाज को साधने की बड़ी कवायद, 'पंडित' विवाद और UGC विरोध का दिखा सीधा असर

मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने मुरादाबाद महानगर की नई कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है। महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडुला द्वारा...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  मुरादाबाद 
मुरादाबाद BJP महानगर कमेटी घोषित: सवर्ण समाज को साधने की बड़ी कवायद, 'पंडित' विवाद और UGC विरोध का दिखा सीधा असर

उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद BJP महानगर कमेटी घोषित: सवर्ण समाज को साधने की बड़ी कवायद, 'पंडित' विवाद और UGC विरोध का दिखा सीधा असर

मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी ने मुरादाबाद महानगर की नई कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है। महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडुला द्वारा...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  मुरादाबाद 
मुरादाबाद BJP महानगर कमेटी घोषित: सवर्ण समाज को साधने की बड़ी कवायद, 'पंडित' विवाद और UGC विरोध का दिखा सीधा असर

मुरादाबाद में आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़ा छात्र गिरफ्तार, यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ जारी सख्त अभियान के तहत यूपी एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) ने एक...
उत्तर प्रदेश  मुरादाबाद 
मुरादाबाद में आईएसआईएस मॉड्यूल से जुड़ा छात्र गिरफ्तार, यूपी एटीएस की बड़ी कार्रवाई

गैस किल्लत और कालाबाजारी से बढ़ी परेशानी, शादी वाले घर प्रभावित : पवन गुप्ता

कानपुर। गैस की किल्लत, कालाबाजारी और बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा...
Breaking News  उत्तर प्रदेश  कानपुर 
गैस किल्लत और कालाबाजारी से बढ़ी परेशानी, शादी वाले घर प्रभावित : पवन गुप्ता

योगी सरकार का एलपीजी कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, अब तक 4,816 छापे, 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार

लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर योगी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम...
उत्तर प्रदेश  लखनऊ 
योगी सरकार का एलपीजी कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन, अब तक 4,816 छापे, 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार

सर्वाधिक लोकप्रिय

शामली के भाजपा नेता मनीष चौहान को हत्या में फंसाने की बड़ी साजिश , नाहिद हसन समेत 3 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी की तैयारी
"बाप का, चाचा का, ताऊ का... सबका बदला ले लिया!", विक्की त्यागी की हत्या से सुर्ख़ियों में आये सागर मलिक के पिता की हत्या कर बोला हमलावर
UP का बड़ा गैंगवार: विक्की त्यागी के हत्यारे सागर मलिक के पिता की गोलियों से भूनकर हत्या, बागपत में शादी में हुई वारदात
मुजफ्फरनगर: नमाज पढ़ाकर लौट रहे इमाम पर जानलेवा हमला; सीसीटीवी में कैद हुई वारदात, इलाके में तनाव
मुज़फ्फरनगर न्यूज़ : खतौली स्कूल कांड में नया मोड़, राजवीर टीटू पर हमले के मुख्य आरोपी आशीष चौधरी की संदिग्ध मौत, प्रिंसिपल ममता दत्त शर्मा के साथ जुड़ा था नाम