किचन गार्डन में पालक उगाने और काटने का सही तरीका एक बार बोएं और पूरे सीजन पाएं हरी ताजी पालक की भरपूर पैदावार
अगर आप किचन गार्डन में ताजी हरी पालक उगाने का सपना देखते हैं तो यह लेख आपके लिए बहुत खास है सही तकनीक अपनाकर आप एक ही बार बीज बोकर पूरे मौसम बार बार कटाई का आनंद ले सकते हैं पालक कम मेहनत में अधिक उत्पादन देने वाली फसल है बस जरूरत है थोड़ी समझ और सही तरीके की.
पालक की पहली कटाई का सही समय
बीच वाला हिस्सा बचाना है सबसे जरूरी
अगर आप बार बार पैदावार चाहते हैं तो पौधे के बीच वाले हिस्से को कभी न काटें केवल बाहरी और बड़ी पत्तियों को ही आधार से एक से दो इंच ऊपर से काटें बीच की छोटी पत्तियां सुरक्षित रहने से पौधा अपनी वृद्धि जारी रखता है और बहुत जल्दी फिर से तैयार हो जाता है यही तरीका लगातार कटाई का सबसे बड़ा रहस्य है
कटाई के बाद खाद और गुड़ाई का महत्व
हर बार पत्तियां काटने के बाद पौधे को अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है कटाई के तुरंत बाद मिट्टी में हल्की गुड़ाई करें और थोड़ी पुरानी गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट डालें नाइट्रोजन युक्त जैविक खाद पत्तियों के तेजी से विकास में मदद करती है जिससे पालक का रंग गहरा हरा और स्वाद शानदार बना रहता है
पानी और नमी का सही संतुलन
पालक को नमी बहुत पसंद है इसलिए मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें नियमित रूप से हल्का पानी देते रहें ध्यान रखें कि पानी पत्तियों के ऊपर गिरने के बजाय सीधे जड़ों में जाए सही नमी मिलने से पत्तियां नरम रसीली और खाने में ज्यादा स्वादिष्ट होती हैं
धूप छाया और मौसम का ध्यान
पालक ठंडे मौसम की फसल है बार बार कटाई के लिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां चार से पांच घंटे की सीधी धूप मिले बहुत तेज गर्मी में पत्तियां कड़वी हो जाती हैं और पौधा बीज बनाने लगता है हल्की छाया में रखने से पैदावार लंबे समय तक चलती है
कीट रोग से बचाव और साफ सफाई
पत्तियों की नियमित जांच करते रहें ताकि कीट या फंगस की पहचान समय पर हो सके जरूरत पड़ने पर नीम तेल का हल्का स्प्रे करें पीली पड़ चुकी पत्तियों को तुरंत हटा दें ताकि वे पौधे की ऊर्जा न खींचें साफ सफाई और समय पर छंटाई से आपका पालक का पौधा महीनों तक हरा भरा रहता है
