गमले में मिर्च का पौधा है लेकिन फल कम लग रहे हैं तो आज ही अपनाएं ये आसान घरेलू खाद का तरीका
आजकल बहुत से लोग अपने घर की छत बालकनी या आंगन में सब्जियां उगाने लगे हैं। इनमें हरी मिर्च का पौधा सबसे ज्यादा लगाया जाता है क्योंकि यह रोजाना रसोई में काम आने वाली सब्जी है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पौधा तो अच्छा बढ़ता है लेकिन उसमें मिर्च बहुत कम लगती है। ऐसे में लोगों को लगता है कि मेहनत के बाद भी सही परिणाम नहीं मिल रहे हैं। असल में यह समस्या मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी की वजह से होती है। अगर पौधे को सही पोषण मिल जाए तो गमले में भी भरपूर मिर्च उगाई जा सकती है।
मिर्च के पौधे को क्यों नहीं लगते ज्यादा फल
मिर्च के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए मिट्टी में सही पोषक तत्व होना बहुत जरूरी होता है। जब मिट्टी में जरूरी तत्वों की कमी हो जाती है तब पौधा तो हरा भरा दिखता है लेकिन उसमें फल कम लगते हैं। अगर मिट्टी में केवल नाइट्रोजन ज्यादा हो जाए तो पौधा तेजी से बढ़ता है लेकिन फूल और फल बनने की प्रक्रिया कमजोर हो जाती है। इसलिए मिट्टी में पोटेशियम फॉस्फोरस और कैल्शियम जैसे तत्वों का संतुलन होना जरूरी होता है।
गोबर की खाद से बढ़ सकती है मिर्च की पैदावार
मिर्च के पौधे के लिए गोबर की सड़ी हुई खाद बहुत फायदेमंद मानी जाती है। जब गमले की मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाया जाता है तब मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधे की जड़ें मजबूत हो जाती हैं। मजबूत जड़ों की वजह से पौधे को पोषण अच्छी तरह मिलता है जिससे पौधे में ज्यादा फूल और फल बनने लगते हैं। यही कारण है कि घरेलू बागवानी में गोबर की खाद को बहुत उपयोगी माना जाता है।
लकड़ी की राख और अंडे के छिलकों का आसान उपाय
मिर्च के पौधे की अच्छी पैदावार के लिए लकड़ी की राख भी काफी फायदेमंद होती है। राख में पोटेशियम और फॉस्फोरस अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं जो पौधे में फूल और फल बनने की प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।
ये भी पढ़ें गर्मियों में तेजी से कमाई का मौका लाल भाजी मेथी और चौलाई की खेती से किसान पा सकते हैं शानदार मुनाफाइसके साथ अंडे के छिलकों का पाउडर भी मिट्टी में मिलाया जा सकता है क्योंकि इसमें कैल्शियम पाया जाता है। यह पौधे को मजबूत बनाता है और फल का आकार भी बेहतर होता है। इन दोनों चीजों को थोड़ा पानी में मिलाकर कुछ समय बाद पौधों में डालने से पौधे को अच्छा पोषण मिलता है और मिर्च की पैदावार भी बढ़ने लगती है।
घर पर तैयार करें माइक्रोन्यूट्रिएंट घोल
मिर्च के पौधे को अतिरिक्त पोषण देने के लिए घर पर एक आसान माइक्रोन्यूट्रिएंट घोल भी तैयार किया जा सकता है। इसके लिए केले के छिलके प्याज के छिलके और सब्जियों के छिलकों को पानी में डालकर कुछ समय तक भिगोकर रखा जाता है।
जब यह घोल तैयार हो जाता है तब इसे छानकर पौधों में डाला जा सकता है। इस घोल से पौधों को आयरन और अन्य जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं जिससे पौधे की बढ़वार अच्छी होती है और फल ज्यादा बनने लगते हैं।
सही धूप और संतुलित पानी भी जरूरी
मिर्च के पौधे को केवल खाद देना ही काफी नहीं होता बल्कि सही देखभाल भी बहुत जरूरी होती है। पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे रोजाना अच्छी धूप मिल सके। इसके साथ गमले में जरूरत से ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए क्योंकि ज्यादा पानी से जड़ों में सड़न होने लगती है और पौधे के फूल गिर सकते हैं। जब पौधे को सही धूप संतुलित पानी और सही पोषण मिलता है तब गमले में भी अच्छी मात्रा में मिर्च की पैदावार हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य बागवानी जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। पौधों की बढ़वार और पैदावार मिट्टी मौसम और देखभाल के तरीके पर निर्भर करती है। किसी भी खाद या तकनीक का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।
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