पूर्व IPL क्रिकेटर की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप..बोलीं- पति के कई अफेयर, जबरन बनाए मुझसे संबंध
कानपुर। पूर्व IPL क्रिकेटर और वर्तमान RBI अधिकारी अमित मिश्रा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका क्रिकेट नहीं बल्कि पारिवारिक विवाद है। उनकी पत्नी गरिमा तिवारी (35) ने कानपुर कोर्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। गरिमा का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पति ने दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, जबरन शारीरिक संबंध बनाने, अफेयर चलाने और खुदकुशी के लिए मजबूर किया। मामला अब अदालत तक पहुंच गया है। गरिमा ने कोर्ट से 1 करोड़ रुपये का हर्जाना, मासिक भरण-पोषण और अन्य राहत की मांग की है। इस घटना ने क्रिकेट जगत के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी है।
लगाए गए गंभीर आरोप
गरिमा तिवारी (जो पेशे से एक मॉडल हैं) ने अपनी शिकायत में ये आरोप लगाए है।
दहेज का दबाव
शादी के तुरंत बाद से ही 10 लाख रुपये नकद और एक होंडा सिटी कार की मांग की गई।
शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना
अमित पर आरोप है कि वह शराब पीकर मारपीट करते थे, गाली-गलौज करते थे और कई दिनों तक गरिमा को भूखा रखते थे।
करियर और आर्थिक शोषण
गरिमा का आरोप है कि उनकी मॉडलिंग से होने वाली कमाई भी अमित छीन लेते थे और उन्हें करियर छोड़ने पर मजबूर किया।
आत्महत्या के लिए उकसाना
प्रताड़ना से तंग आकर गरिमा ने फिनाइल पीकर जान देने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
जबरन संबंध और अफेयर्स
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमित के अन्य महिलाओं के साथ संबंध थे और बीमारी की हालत में भी उनके साथ जबरदस्ती की जाती थी।
कौन हैं गरिमा तिवारी?
गरिमा तिवारी कानपुर की रहने वाली हैं और पेशे से मॉडल हैं। वह शहर के बिरहाना रोड इलाके की निवासी बताई जाती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात अमित मिश्रा से साल 2019 में इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती और फिर रिश्ते में बदल गई। करीब ढाई से तीन साल तक दोनों रिलेशनशिप में रहे। इसके बाद 26 अप्रैल 2021 को दोनों ने कानपुर क्लब में शादी कर ली। यह गरिमा द्वारा अमित के खिलाफ किया गया तीसरा कानूनी केस है। इससे पहले 2025 में उन्होंने घरेलू हिंसा और भरण-पोषण (Maintenance) के लिए केस दायर किए थे, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और 50,000 रुपये मासिक भत्ते की मांग की है।
गरिमा के वकील, करीम अहमद सिद्दीकी के अनुसार, पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च 2026 को होनी तय है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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