मार्च अप्रैल की तेज गर्मी में भी सूखेंगे नहीं आपके पौधे अगर किचन गार्डन की मिट्टी में मिला दें ये 7 खास चीजें पूरा बगीचा रहेगा हमेशा हरा भरा और सब्जियों से भरपूर
अगर आप अपने घर की छत या आंगन में किचन गार्डन बनाना चाहते हैं तो सबसे जरूरी चीज है सही मिट्टी की तैयारी. बहुत से लोग सीधे गमले में बीज बो देते हैं और उम्मीद करते हैं कि पौधे अच्छे उगेंगे. लेकिन सच्चाई यह है कि पौधों की असली ताकत उस मिट्टी में छिपी होती है जिसमें उन्हें लगाया जाता है. खासकर मार्च और अप्रैल की तेज गर्मी में अगर मिट्टी सही तरीके से तैयार नहीं की गई तो पौधे जल्दी सूख सकते हैं या उनकी बढ़त रुक सकती है. अगर मिट्टी को पहले से मजबूत और पोषक तत्वों से भरपूर बना दिया जाए तो पौधे तेज धूप में भी हरे भरे बने रहते हैं.
गर्मियों में पौधों के लिए सही मिट्टी क्यों जरूरी है
मार्च का महीना आते ही तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगता है और पौधों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है तेज धूप और नमी की कमी. साधारण मिट्टी में सब्जियां उगाना इस मौसम में कठिन हो सकता है क्योंकि मिट्टी जल्दी सख्त हो जाती है और जड़ों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता. एक अच्छी पॉटिंग मिक्स वही मानी जाती है जो जड़ों को ठंडा रखे नमी को लंबे समय तक संभाल कर रखे और पौधों को जरूरी पोषक तत्व भी देती रहे. अगर मिट्टी सही तैयार हो तो बेल वाली सब्जियां और पौधे तेजी से बढ़ने लगते हैं.
ये भी पढ़ें खाली खेत में करें इस फसल की खेती 60 दिन में होगी तगड़ी कमाई कम लागत में मिलेगा बड़ा मुनाफासबसे पहले मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरी बनाएं
मिट्टी तैयार करने का पहला कदम है पुराने पौधों के अवशेष और खरपतवार को हटाना. जब गमले या क्यारियों में पुरानी जड़ें और खरपतवार रह जाते हैं तो नई फसल की बढ़त प्रभावित हो सकती है. इसके बाद मिट्टी की लगभग तीन से चार इंच गहराई तक गुड़ाई करनी चाहिए ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए.
जब मिट्टी की गुड़ाई की जाती है तो उसके अंदर फंसी हानिकारक गैसें बाहर निकल जाती हैं. साथ ही धूप लगने से मिट्टी में मौजूद फंगस और कई हानिकारक कीड़े भी खत्म हो जाते हैं. मिट्टी को गुड़ाई के बाद कम से कम दो दिन खुला छोड़ना अच्छा माना जाता है.
ये भी पढ़ें गर्मियों में तेजी से कमाई का मौका लाल भाजी मेथी और चौलाई की खेती से किसान पा सकते हैं शानदार मुनाफामिट्टी में जल निकासी का सही संतुलन बनाना जरूरी
गर्मी के मौसम में पौधों को अधिक पानी की जरूरत होती है लेकिन अगर जड़ों के आसपास पानी जमा हो जाए तो यह सड़न का कारण बन सकता है. इसलिए मिट्टी में थोड़ी रेत मिलाना बहुत जरूरी होता है. इससे पानी आसानी से नीचे निकल जाता है और जड़ें स्वस्थ रहती हैं.
अगर मिट्टी बहुत ज्यादा चिकनी है तो उसमें थोड़ी बजरी या परलाइट मिलाना भी फायदेमंद होता है. अच्छी मिट्टी वही होती है जो नमी को संभाल कर रखे लेकिन पानी को जमा न होने दे.
जैविक खाद से मिट्टी को बनाएं ताकतवर
किचन गार्डन में अच्छी पैदावार पाने के लिए जैविक खाद का उपयोग बहुत जरूरी है. मिट्टी में वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाने से मिट्टी उपजाऊ बनती है. नई सब्जियां लगाने से पहले मिट्टी में लगभग तीस से चालीस प्रतिशत तक खाद मिलाई जा सकती है.
यह खाद पौधों को नाइट्रोजन फास्फोरस और पोटेशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व देती है. साथ ही यह मिट्टी की जल धारण क्षमता को भी बढ़ाती है जिससे गर्मियों में पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है.
नीम की खली से मिलती है प्राकृतिक सुरक्षा
मिट्टी तैयार करते समय उसमें थोड़ी मात्रा में नीम की खली मिलाना बहुत फायदेमंद माना जाता है. यह एक प्राकृतिक कीटनाशक की तरह काम करती है और पौधों की जड़ों को दीमक और फंगस से बचाती है. इसके साथ ही यह मिट्टी को पोषक तत्व भी प्रदान करती है.
अगर उपलब्ध हो तो थोड़ी सी लकड़ी की राख भी मिट्टी में मिलाई जा सकती है. लकड़ी की राख पोटेशियम का अच्छा स्रोत होती है और कई छोटे कीटों को दूर रखने में मदद करती है.
कोकोपीट मिट्टी को बनाए रखता है नम और हल्का
मार्च के बाद तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और मिट्टी जल्दी सूखने लगती है. ऐसे में कोकोपीट मिलाना बहुत फायदेमंद होता है. कोकोपीट मिट्टी को हल्का बनाता है और लंबे समय तक नमी बनाए रखने में मदद करता है.
छत पर की जाने वाली गार्डनिंग में कोकोपीट और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि इससे गमलों का वजन कम रहता है और पौधों को बार बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती.
मिट्टी का संतुलित pH पौधों की बढ़त के लिए जरूरी
सब्जियों के अच्छे विकास के लिए मिट्टी का pH संतुलित होना चाहिए. अगर मिट्टी बहुत ज्यादा अम्लीय या बहुत ज्यादा क्षारीय हो जाए तो पौधों की बढ़त रुक सकती है. ऐसे में थोड़ी मात्रा में चूना या जिप्सम मिलाकर pH को संतुलित किया जा सकता है.
मिट्टी तैयार करने के बाद उस पर हल्का पानी छिड़क कर उसे लगभग एक दिन के लिए छोड़ देना चाहिए ताकि सभी तत्व अच्छी तरह मिल जाएं और मिट्टी पौधों के लिए तैयार हो जाए.
सही मिट्टी से दोगुनी तेजी से बढ़ते हैं पौधे
जब मिट्टी सही तरीके से तैयार हो जाती है तो बीज बोने के बाद पौधे बहुत तेजी से बढ़ने लगते हैं. बीज लगाने से पहले मिट्टी को समतल करना जरूरी होता है ताकि पानी समान रूप से पहुंचे. साथ ही मिट्टी न बहुत सख्त हो और न ही बहुत ज्यादा गीली हो.
मार्च के महीने में बेल वाली सब्जियों के लिए गहरी क्यारियां तैयार करना अच्छा माना जाता है. अगर मिट्टी सही तरीके से तैयार की गई है तो पौधों की बढ़त दोगुनी तेजी से होती है और आपका किचन गार्डन गर्मी में भी हरा भरा बना रहता है.
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

टिप्पणियां