जिला अस्पताल में हो रही रिश्वतखोरी को लेकर एंटी करप्शन टीम ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान को सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया एंटी करप्शन के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र चौहान और मंडल अध्यक्ष डॉ. गोपाल कश्यप के निर्देश पर जिला अध्यक्ष विक्की चावला के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम ने ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला चिकित्सालय में हो रही रिश्वतखोरी और कार्य में निष्क्रियता […]
मुजफ्फरनगर। ऑल इंडिया एंटी करप्शन के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र चौहान और मंडल अध्यक्ष डॉ. गोपाल कश्यप के निर्देश पर जिला अध्यक्ष विक्की चावला के नेतृत्व में एंटी करप्शन टीम ने ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में जिला चिकित्सालय में हो रही रिश्वतखोरी और कार्य में निष्क्रियता के विषय में अवगत कराते हुए सरकार से मांग की है कि जिला चिकित्सालय में हो रहे भ्रष्टाचार को तुरन्त रोक दिया जाए अन्यथा एन्टी करप्शन की टीम भ्रष्टाचारियों को सबूत के साथ जेल भिजवायेगी।
एंटी करप्शन की टीम ने ज्ञापन के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि जिला चिकित्सालय में बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी चल रही है। चिकित्सालय का अधिकतम स्टाफ पीडि़त मरीजों से पैसे उतारने में लगे हैं। एक्स-रे विभाग और अल्ट्रासाउंड विभाग में यदि कोई मरीज स्टाफ की मर्जी के पैसे दे देते है, तो उन मरीजों के एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड समय पर कर दिए जाते हैं और पैसे ना देने पर पीडि़त मरीजों को कई-कई दिनों तक चक्कर कटवा दिये जाते हैं।
ये भी पढ़ें भीषण सड़क हादसा: ट्रेलर में पीछे से घुसी तेज रफ्तार कार, महिला समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौतचिकित्सालय में मरीज को भर्ती करने पर डॉक्टर द्वारा चिकित्सालय के अंदर की दवाइयां कम और बाहर के स्टोर से दवाइयों का पर्चा अधिक लिखते हैं, जबकि सभी दवाइयां सरकार द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध कराई जाती हैं। प्लास्टर विभाग में प्लास्टर करने और प्लास्टर काटने के भी पैसे लिए जाते हैं, जबकि सरकारी अस्पताल में पैसे लेने का कोई नियम नहीं है। चिकित्सालय के महिला विभाग में भी महिला मरीजों से मनमाने पैसे वसूल किए जाते हैं और महिला डॉक्टर द्वारा बच्चे के जन्म के लिए होने वाले ऑपरेशन को उनके प्राइवेट क्लीनिक पर ऑपरेशन कराने के लिए फोर्स किया जाता है, क्योंकि चिकित्सालय के अधिकतर डॉक्टर जिला चिकित्सालय में कम और अपने प्राइवेट क्लीनिक पर अधिक समय बैठते है, जिससे चिकित्सालय में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को असुविधा होती है।
इन सभी कार्यों का मरीजो द्वारा विरोध किए जाने पर चिकित्सालय कर्मचारियों द्वारा मरीजों के साथ बदतमीजी व गाली-गलौज और इलाज ना करने की धमकी दी जाती है।
ज्ञापन देने वालो में प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र चौहान, मंडल अध्यक्ष डॉ. गोपाल कश्यप, जिलाध्यक्ष विक्की चावला, जिला महामंत्री नदीम अंसारी, हिमांशु शर्मा, राघव मित्तल, हरीश ठकराल, वीरेंद्र लोदिया, संजय मदान, सनी अहलूवालिया, सुरेंद्र सिंह, राजू बहोत्रा, शुभम गुप्ता, आशीष धीमान, नितिन पांचाल, गौरव सिंघल आदि उपस्थित रहे।
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