पूर्व सेना प्रमुख पांडे का डीपफेक वीडियो सामने आया, सरकार ने पाकिस्तान से जुड़े खातों को ठहराया दोषी

नयी दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और बढ़ते तनाव के बीच पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे का एक डिजिटल रूप से संपादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें झूठा दावा किया गया है कि इजरायल ने भारतीय सेना को एक "नैतिक बल" से "जातीय बल" में बदल दिया है। सरकार ने इस वीडियो को प्रसारित करने वाली कई पोस्टों को डीपफेक बताते हुए चिह्नित किया है और कहा है कि इसे पाकिस्तान से जुड़े दुष्प्रचार खातों द्वारा पश्चिम एशिया संकट के दौरान भारत को निशाना बनाने वाले एक व्यापक दुष्प्रचार अभियान के तहत प्रसारित किया जा रहा है।
हाल ही में माइक्रोब्लॉगिंग साइट 'एक्स' पर कई हैंडल्स द्वारा साझा किए गए पोस्ट में पूर्व सेना प्रमुख एक कार्यक्रम में बोलते हुए दिखाई दे रहे हैं। डिजिटल रूप से संपादित क्लिप में जनरल पांडे (सेवानिवृत्त) को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "इजरायल का समर्थन करने से हमारी भारतीय सेना को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। हमारी भारतीय सेना को हमेशा एक नैतिक बल के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। वर्तमान स्थिति इसे एक जातीय बल में बदल रही है। मेरी बात याद रखना, यह स्थिति पूर्ण विद्रोह की ओर बढ़ रही है। हम सभी ने असम में जो हो रहा है वह देखा है। हमारी सेना को इजरायली प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिनका पहला निर्देश यह है कि सभी मुसलमान, सिख, रेंगमा और कुकी इंसान नहीं हैं। वे पहले उन्हें अमानवीय बनाना सिखाते हैं और फिर उन पर अत्याचार करते हैं। यह ठीक नहीं है। अगर यह जारी रहा तो इससे आंतरिक विद्रोह होगा।"
प्रेस सूचना ब्यूरो की फैक्ट चेकिंग यूनिट ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "डीपफेक अलर्ट! पाकिस्तानी दुष्प्रचार करने वाले खाते एक डिजिटल रूप से हेरफेर किया हुआ वीडियो प्रसारित कर रहे हैं, जिसमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) को भारतीय सेना के बारे में झूठे बयान देते हुए गलत तरीके से दिखाया गया है। सावधान! यह एआई द्वारा निर्मित डीपफेक वीडियो है। पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (सेवानिवृत्त) ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।"
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मूल, बिना संपादित वीडियो साझा करते हुए सरकार ने कहा कि पाकिस्तानी दुष्प्रचार करने वाले खाते जनता को गुमराह करने और भारतीय सशस्त्र बलों में विश्वास को कम करने के लिए एक समन्वित दुष्प्रचार अभियान के तहत ऐसे हेरफेर किए गए वीडियो प्रसारित कर रहे हैं।
मूल वीडियो क्लिप में पूर्व सेना प्रमुख भविष्य के लिए तैयार रहने की आवश्यकता पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हम एक जटिल दुनिया में रहते हैं। हमें न केवल वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम होना चाहिए, बल्कि भविष्य का भी अनुमान लगाना चाहिए। एक बार अनुमान लगा लेने के बाद, आपको उसी के अनुसार तैयारी करनी होगी। आपके पास वे क्षमताएं होनी चाहिए जो आपको भविष्य के युद्धों को प्रभावी ढंग से लड़ने में सक्षम बनाएंगी। सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा।" इसमें नागरिकों को यह भी चेतावनी दी गई कि वे जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से उसकी पुष्टि कर लें।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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