सऊदी अरब में नहीं दिखा ईद का चांद, 21 मार्च को मनाई जाएगी पूरे देश में ईद !

मुजफ्फरनगर/नई दिल्ली। इस्लाम धर्म के सबसे मुकद्दस और प्रमुख त्योहारों में से एक 'ईद-उल-फितर' अब बस कुछ ही कदम दूर है। इबादत, सब्र और इंसानियत का संदेश देने वाले रमजान के पवित्र महीने के समापन के साथ ही पूरी दुनिया में ईद की तैयारियां जोरों पर हैं। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, नौवें महीने रमजान में 29 या 30 दिनों के रोजे रखने के बाद, चांद दिखने के साथ ही 10वें महीने यानी 'शव्वाल' की शुरुआत होती है, जिसकी पहली तारीख को ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
साल 2026 में ईद की तारीखों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। भारत में ईद का फैसला आमतौर पर सऊदी अरब और खाड़ी देशों में चांद दिखने के आधार पर तय होता है। जानकारों के अनुसार, सऊदी अरब में 19 मार्च को ईद का चांद दिखाई देने की उम्मीद है। यदि वहां गुरुवार को चांद नजर आता है, तो सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी, जिसके बाद भारत में यह त्योहार 21 मार्च को मनाए जाने की प्रबल संभावना है।
'मीठी ईद' के रूप में मशहूर इस त्योहार के दिन सुबह सबसे पहले मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की जाती है। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं और आपसी गिले-शिकवे दूर कर भाईचारे का संदेश देते हैं। घरों में खीर, सेवइयां और विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर मेहमानों का स्वागत किया जाता है। यह त्योहार समाज में एकता और प्रेम की खुशबू बिखेरने का काम करता है।
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