मुजफ्फरनगर की पंचायत में किसानों ने किया ऐलान: “आवास विकास को जमीन नहीं देंगे”
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के नई मंडी थाना क्षेत्र के शेरनगर गांव में मंगलवार दोपहर एक जोरदार किसान पंचायत आयोजित की गई, जिसमें शेरनगर, अलमासपुर, कुकड़ा, सरवट, धंधेड़ा और बिलासपुर के सैकड़ों किसान और ग्रामीण शामिल हुए। पंचायत की अध्यक्षता एडवोकेट सुकेश कुमार ने की।
पंचायत में किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को नहीं देंगे। उनका कहना है कि सरकार उनकी सहमति के बिना जमीनों को विकास परियोजनाओं के लिए चिन्हित कर रही है, जो उनके सामान्य अधिकारों का हनन है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग द्वारा उचित मुआवजा या पुनर्वास नीति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि यह जमीन उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इसे छीनना उनके भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा है।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जबरन भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया, तो वे बड़े आंदोलन की राह पर उतरेंगे। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कोई जमीन किसी योजना के लिए नहीं दी जाएगी।
ये भी पढ़ें निशांत कुमार JDU में शामिल: NDA नेताओं ने दी बधाई, जानें बिहार की राजनीति पर क्या होगा असरपंचायत शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुई, लेकिन किसानों के चेहरे पर सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने कहा कि वे कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जमीन की रक्षा के लिए पूरी कोशिश करेंगे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां