राष्ट्रपति की सादगी ने जीता जमशेदपुर का दिल: प्रोटोकॉल तोड़ बच्चों से मिलने रुकीं द्रौपदी मुर्मू, बीच रास्ते रुकवाया काफिला
जमशेदपुर। जमशेदपुर में गुरुवार को आयोजित दो कार्यक्रमों में भाग लेकर एयरपोर्ट के लिए लौट रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शहर के बारिडीह इलाके में अचानक अपना काफिला रुकवा दिया और कार से उतरकर लोगों के बीच चली गईं। उन्होंने सड़क किनारे खड़े लोगों से मिलकर उनका अभिवादन किया। बच्चों के बीच पहुंचकर उन्होंने चॉकलेट बांटीं। राष्ट्रपति को अपने बीच पाकर वहां मौजूद लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। शहर के कदमा में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद राष्ट्रपति का काफिला निर्धारित मार्ग से होते हुए बारिडीह पहुंचा। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहले से एकत्र थे। कई लोग हाथों में तिरंगा लिए खड़े थे।
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ये भी पढ़ें बिहार: जयमाला स्टेज पर पहुंचकर सिरफिरे प्रेमी ने चलाई गोली, दुल्हन घायल, शादी में मचा हड़कंपमहिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों से राष्ट्रपति की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही काफिला कॉलेज परिसर से बाहर निकला, भीड़ ने उत्साह के साथ नारे लगाए। राष्ट्रपति ने अचानक वाहन रोकने का निर्देश दिया। सुरक्षा घेरे के बीच वह गाड़ी से उतरीं और सीधे लोगों की ओर बढ़ीं। उन्होंने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया और मुस्कुराते हुए लोगों से बातचीत की। करीब डेढ़ सौ कदम तक पैदल चलते हुए उन्होंने बच्चों के बीच चॉकलेट वितरित किए। बच्चे खुशी से झूम उठे और कई अभिभावक इस पल को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, लेकिन आम लोगों से राष्ट्रपति की मुलाकात में कोई बाधा नहीं आने दी गई।
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मौके पर मौजूद एक छात्र ने कहा कि राष्ट्रपति को इतने करीब से देखना उसके लिए सपने जैसा है। एक महिला ने बताया कि वह दो घंटे से खड़ी थीं, लेकिन राष्ट्रपति की सादगी और आत्मीयता ने इंतजार की थकान मिटा दी। दरअसल, राष्ट्रपति मुर्मु जब भी झारखंड आती हैं, वह प्रोटोकॉल से इतर लोगों के साथ भावपूर्ण तरीके से जुड़ जाती हैं। पिछले साल दिसंबर में एनआईटी जमशेदपुर के 15वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद जब वह सरायकेला से लौट रही थीं, तो उनकी एक झलक पाने के लिए आकाशवाणी चौक पर लोग घंटों से बैरिकेडिंग के पीछे खड़े थे। उस वक्त भी राष्ट्रपति ने प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना अपना काफिला रुकवाया था और स्वयं वाहन से उतरकर लोगों के बीच पहुंच गई थीं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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