मुज़फ्फरनगर में पुलिस ने 'मुठभेड़' में युवक को गोली मारी, दावा- हथियार तस्कर है, परिजन बोले- 5 दिन से पुलिस ने उठा रखा था, ज़िले के नेताओं को भी पता था
माँ और पत्नी ने भेजी मानवाधिकार को शिकायत, बताया- मंत्री, सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री को भी उसी दिन से पता था, की जांच की मांग
मुजफ्फरनगर। जनपद में पुलिस और अपराधियों के बीच टकराव का एक नया मामला सामने आया है, जिसने कानूनी और सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सोमवार को शहर कोतवाली पुलिस ने न्याजुपुरा-चरथावल मार्ग पर घेराबंदी कर तीन कथित हथियार तस्करों को पकड़ने का दावा किया है। इस दौरान हुई फायरिंग में एक युवक गोली लगने से घायल हुआ है। जहाँ पुलिस इस कार्रवाई को अपराध पर कड़ा प्रहार बता रही है, वहीं घायल के परिजनों ने इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्नी का दावा है कि उसके पति को कई दिन पहले ही उठा लिया गया था और इस बात की जानकारी जिले के कई बड़े जनप्रतिनिधियों को भी थी।
घेराबंदी, फायरिंग और पुलिस का दावा
सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ कुमार मिश्रा के अनुसार, शहर कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह की टीम काली नदी पुल के पास संदिग्धों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान स्कूटी सवार तीन युवकों ने पुलिस को देख भागने का प्रयास किया और ईख के खेत में घुसकर फायरिंग झोंक दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सुहैल पुत्र हफीजुद्दीन (निवासी चरथावल) के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने मौके से सुहैल के साथ उसके साथियों रिजवान और दानिश को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इनके कब्जे से 3 पिस्टल और 19 कारतूस बरामद हुए हैं और ये लंबे समय से हथियारों की तस्करी के गोरखधंधे में शामिल थे।
पत्नी का सनसनीखेज खुलासा: 'फर्जी है पूरी स्क्रिप्ट'
मुठभेड़ की खबर मिलते ही घायल सुहैल की माँ रेशमा और पत्नी नीलोफर नाज ने मानवाधिकार आयोग, डीजीपी और आईजी रेंज को शिकायती पत्र भेजकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नीलोफर का कहना है कि पुलिस ने सुहैल को 11 फरवरी को ही पूछताछ के नाम पर उठा लिया था। पत्नी और परिवार ने अपने शिकायती पत्र में दावा किया है कि सुहैल की अवैध हिरासत की जानकारी उसी दिन से जिले के मंत्री, सांसद, विधायक और एक पूर्व मंत्री को भी थी। परिजनों का आरोप है कि 5 दिनों तक अवैध हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने सोमवार को उसे गोली मारी और इसे मुठभेड़ का रूप दे दिया। उन्होंने मांग की है कि घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।
विधिक कार्रवाई और बढ़ता विवाद
पुलिस ने घायल सुहैल को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया है और तीनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी बबलू सिंह का कहना है कि पकड़े गए बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास है। दूसरी ओर, परिजनों द्वारा मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने और स्थानीय दिग्गजों के नाम घसीटने से मामला उलझता नजर आ रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मानवाधिकार आयोग और पुलिस के उच्चाधिकारी इस 'फर्जी मुठभेड़' के आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां