जलालाबाद: तीन दिनों तक 'बंधक' रहने के बाद समझौते के साथ हुई दूल्हे और बारातियों की विदाई, प्रेमिका के हंगामे ने रोकी थी शादी
भारी मुआवजे और जमीन बेचने की चर्चाओं के बीच सुलझा विवाद; पुलिस की एंट्री के बाद दोनों पक्षों ने लिखित में दिया समझौता, प्रेमिका का दावा अभी भी पहेली
जलालाबाद (शामली)। क्षेत्र के एक गांव में पिछले तीन दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा आखिरकार सोमवार को समझौते के साथ समाप्त हो गया। शादी समारोह के दौरान दूल्हे की कथित प्रेमिका द्वारा किए गए हंगामे के बाद उत्पन्न हुई अप्रिय स्थिति ने न केवल उत्सव के माहौल को तनाव में बदल दिया था, बल्कि दूल्हे और उसके परिजनों को भी तीन दिनों तक एक ही स्थान पर रुकने (कथित बंधक) को मजबूर होना पड़ा। सामाजिक फजीहत और कानूनी पेचीदगियों के बीच चली लंबी पंचायतों के बाद दोनों पक्षों के बीच सुलह की राह निकली। हालांकि, इस समझौते के लिए दूल्हा पक्ष को एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है, जिसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।
पूरा मामला शनिवार को तब शुरू हुआ था जब शादी की रस्में चल रही थीं और अचानक एक महिला ने पहुंचकर दूल्हे की प्रेमिका होने का दावा करते हुए शादी रुकवा दी थी। इसके बाद दुल्हन पक्ष ने बारात को वापस जाने से रोक दिया और अपने खर्च व मानहानि के बदले मुआवजे की मांग शुरू कर दी। सोमवार दोपहर तक चले इस विवाद में उस समय नया मोड़ आया जब मामले की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस गांव में दाखिल हुई। फिल्मी अंदाज में हुई पुलिस की एंट्री के बाद दोनों पक्षों को थाने लाया गया। थाने पहुँचने पर दूल्हा पक्ष ने खुद को बंधक बनाए जाने की बात से साफ इनकार किया और पुलिस को लिखित में बयान दिया कि उनका आपसी समझौता हो चुका है।
क्षेत्र में इस बात की प्रबल चर्चा है कि विवाद निपटाने और लड़की पक्ष की भरपाई करने के लिए दूल्हा पक्ष को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी है। पूछताछ के दौरान दूल्हे के परिजनों ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने समझौते के तहत लड़की पक्ष को मुआवजे की रकम दी है और इसके लिए उन्हें जमीन का सौदा करना पड़ा। दूल्हे के पिता ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा और बेटे की भविष्य की दुहाई देते हुए इस भारी आर्थिक नुकसान को सहने की बात कही है।
ये भी पढ़ें बहुजन लड़की मेघा लवारिया का वायरल बयान: “मैं ब्राह्मण नहीं, फिर भी ब्राह्मणवाद जिंदाबाद!”वहीं दूसरी ओर, शादी के मंडप में हंगामा करने वाली महिला, जो सोमवार सुबह तक प्रेमी (दूल्हे) के साथ निकाह करने के वादे पर अड़ी हुई थी, शाम होते-होते परिदृश्य से ओझल हो गई। सोमवार सुबह उसने पत्रकारों के समक्ष दावा किया था कि उसे शादी का आश्वासन मिला है, लेकिन दूल्हा पक्ष के गांव लौट जाने के बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा। पुलिस चौकी प्रभारी अरविंद कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों ने समझौते का लिखित पत्र दिया है और कथित प्रेमिका द्वारा इस संबंध में पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया गया है। फिलहाल, वह महिला और उसका दावा अभी भी एक पहेली बना हुआ है, जिस पर दोनों पक्ष चुप्पी साधे हुए हैं।
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शामली के वरिष्ठ पत्रकार श्री दीपक शर्मा वर्ष 2022 से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक निष्ठावान और कर्मठ स्तंभ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में की थी और 'सत्यभाष', 'दैनिक प्रभात', 'क्राइम न्यूज़ और नेटवर्क 10' जैसे संस्थानों में कार्य करते हुए ज़मीनी रिपोर्टिंग के गहरे अनुभव हासिल किए।
पिछले 4 वर्षों से रॉयल बुलेटिन के साथ जुड़े दीपक शर्मा वर्तमान में जिला प्रभारी (शामली) का दायित्व संभाल रहे हैं। जिले की राजनीतिक नब्ज और सामाजिक मुद्दों पर उनकी पकड़ बेजोड़ है। शामली जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 8273275027 पर संपर्क कर सकते हैं।

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