वेनेजुएला से ऐसे भागी थीं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मचाडो, याद किया वह भयावह मंजर
वॉशिंगटन। वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार सौंपने के बाद से एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। मचाडो ने समुद्र के रास्ते अपने देश से भागने के दर्दनाक अनुभव साझा किया है। उन्होंने कहा कि मादुरो सरकार के बढ़ते दबाव के बीच इस खतरनाक यात्रा के दौरान उन्हें अपनी जान का डर था, जिसके बाद वह अमेरिका पहुंचीं।
इसलिए मुझे लगता है कि यह एक चमत्कार है। मैं यहां हूं और मुझे पता है कि किसी दिन मैं आपको सारी जानकारी विस्तार से दे पाऊंगी। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को मचाडो ने व्यक्तिगत दुश्मनी के बजाय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा, "यह ड्रग कार्टेल और न्याय के बारे में है। यह एक क्रिमिनल स्ट्रक्चर के बारे में है।" उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लाखों वेनेजुएलावासियों का प्रतिनिधित्व करता है। मैं लाखों वेनेजुएलावासियों के एक बड़े आंदोलन की सिर्फ एक सदस्य हूं जिसने आजाद होने का फैसला किया है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।" मचाडो ने अमेरिका के समर्थन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "मुझे कोई शक नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप, उनकी सरकार और अमेरिका के लोग लोकतंत्र, न्याय, आजादी और वेनेजुएला के लोगों के मैंडेट का समर्थन करते हैं।" उन्होंने वेनेजुएला के बदलाव को अमेरिकी सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा, "3 जनवरी के बाद आज अमेरिका एक ज्यादा सुरक्षित देश है। वेनेजुएला में स्थिरता से ज्यादा खुशहाली और ताकत आएगी।"
वेनेजुएला में फिर से लोकतंत्र स्थापित करने को लेकर मचाडो ने कहा, "अगर संविधान का सम्मान किया जाता, तो हमारे पास एक हजार राजनीतिक कैदी नहीं होते। इस बदलाव में कई चरण शामिल हैं, जिसकी शुरुआत ज़ुल्म को खत्म करने से होती है। सभी टॉर्चर सेंटर बंद करने होंगे।" इस दौरान उन्होंने पत्रकारों और देश से लौटे लोगों के लिए गारंटी की मांग की और लापता कैदियों को ढूंढने में तेजी लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "मैं सैकड़ों लोगों की बात कर रही हूं। वे बस गायब हो गए हैं।" मचाडो ने कहा कि सरकार ने माइग्रेशन को हथियार बना लिया है। उन्होंने तर्क दिया कि माइग्रेशन को रोकने के लिए लोकतांत्रिक बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा, "अगर लोगों को आजादी और सुरक्षा की उम्मीद हो, तो वे समाधान का हिस्सा बनने के लिए वापस लौटने को तैयार हैं।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
